मकसूद अली, यवतमाल (महाराष्ट्र), NIT;
यवतमाल जिले में इस वर्ष अकाल के बाद भीषण जल किल्लत ने हर किसी को तकलीफ में डाल रखा था जिससे सभी मानसून के बारिश की चातक पक्षी की तरह राह तक रहे थे कि इसी बीच इस वर्ष मौसम विभाग के पूर्व अनुमानों के मुताबिक मानसून की बारिश ने सही समय पर दस्तक दे दी हैं। 7 जून के पूर्व रोहिनी नक्षत्र में जिले में कमोवेश सभी तहसीलों में बारिश ने दस्तक दी, इसके बाद यवतमाल तहसील समेत जिले की सभी तहसीलों में 7 जून को मानसून की बारिश हुई जिससे किसानों और जलसंकट से जूझ रहे नागरिकों को राहत मिलती दिखाई दे रही हैं। यवतमाल शहर में 7 जून की रात मानसून की पहली बारिश ने हाजिरी लगा दी है। लगभग डेढ़ घंटे तक झमाझम बारिश के बाद 8 जून को दिन में आकाश साफ रहा लेकिन रात में बादल उमड़ने के साथ ही जोरदार बिजलियां कडकीं इसके बाद मूसलाधार बारिश की शुरुआत हुई। 8 जून की रात रुक-रुक कर और रिमझिम बारिश हुई। इस दौरान मेघों की कडकडाहट के साथ ही जोरदार बिजलियां चमकी। देर रात यवतमाल, घाटंजी मार्ग पर गाज गिरने की खबर मिली, लेकिन इससे किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ है। इसी बीच बारिश का क्रम 9 जून की तडके 4 बजे तक जारी रहा। हालांकि शनिवार की सुबह से मौसम साफ रहा. लेकिन पिछले एक सप्ताह से अक्सर शाम और रात में ही बारिश हो रही हैं. ऐसे में मान्सून और वर्षाऋतू के क्रम में भी बदलाव दिख रहा हैं. फिलहाल सुबह, दोपहर और दिन में बारिश न होने से इससे पर्यावरण में बदलाव का भी हिस्सा माना जा रहा हैं।
