विश्व पर्यावरण दिवस पर शिक्षकों ने किया विद्यालय में पौधारोपण | New India Times

अरशद रजा, संभल (यूपी), NIT; 

विश्व पर्यावरण दिवस पर शिक्षकों ने किया विद्यालय में पौधारोपण | New India Times​विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्राथमिक विद्यालय नगलिया कामगार के शिक्षको ने पौधारोपण किया तथा एक जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया।प्रधानाध्यापक जगत सिंह ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस संयुक्त राष्ट्र द्वारा सकारात्मक पर्यावरण कार्य हेतु विश्व भर में मनाया जाने वाला सबसे बड़ा उत्सव है जो प्रत्येक वर्ष 5 जून को मनाया जाता है। उन्होने बताया कि पर्यावरण की रक्षा और गुणवत्ता के संरक्षण हेतु सभी नागरिको को आवश्यक क़दम उठाना चाहिए ।

गोष्ठी मे शिक्षक एवं समाजसेवक अरशद रज़ा ने कहा कि हर साल विश्व पर्यावरण दिवसकिसी न किसी थीम को लेकर मनाया जाता है और 2018 की theme है-

“Beat Plastic Pollution”.
“प्लास्टिक प्रदूषण की समाप्ति”
दैनिक जीवन मे प्लास्टिक के प्रयोग से प्लास्टिक प्रदूषण हो रहा है। इसे रोकना बहुत आवश्यक है क्योंकि प्लास्टिक प्रदूषण से वहुत सी गंभीर बीमारियां एवं कैंसर होता है।

उन्होंने आगे कहा कि धरती के सभी जीव-जन्तु एक-दूसरे पर निर्भर हैं तथा संसार का प्रत्येक पदार्थ एक-दूसरे को प्रभावित करता है। इसलिए प्रकृति की इन सभी वस्तुओं व जीव जन्तुओं के बीच संतुलन बनाये रखना बहुत ज़रूरी है। आज के समय में हम जिस प्रकार औद्योगिक विकास और भौतिक समृद्धि की ओर बढ़े रहे हैं, वह पर्यावरण के संतुलन को समाप्त करता जा रहा है। उद्योग-धंधों, वाहनों, मशीनी उपकरणों , खेतों में कीटनाशकों का असंतुलित प्रयोग, नदियों तालाबों में गिरता हुआ कूड़ा-कचरा एंव वनों का कटान आदि से हम हर समय पर्यावरण को प्रदूषित कर रहे हैं।अगर जल्द ही हम पर्यावरण की ओर सचेत नही हुये तो हमे इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

 सरकार जितने भी नियम-क़ानून लागू करें लेकिन उसके साथ साथ जनता की जागरूकता और सहभागिता से ही पर्यावरण की रक्षा संभव है। 

 अगर आप सही मायने मे पर्यावरण को बचाना चाहते है तो जीवन में दृढ़तापूर्वक निम्न बाते अपनानी होंगी।

हर व्यक्ति प्रति वर्ष शुभ अवसरों पर अपने घर, सार्वजनिक स्थलो, सड़को के किनारे, शिक्षण संस्थानों व कार्यालयों आदि मे कम से कम एक पौधा आवश्य लगाये।

 शिक्षक, अधिकारी और कर्मचारीगण राष्ट्रीय पर्वो तथा महत्त्वपूर्ण तिथियों पर पौधे ज़रूर लगायें।जल को गन्दा न करे तथा उसे व्यर्थ न बहायें । बिजली की खपत कम से कम करे तथा अनावश्यक बिजली की बत्ती जलती न छोडें। पॉलिथीन का उपयोग कदापि न करें। 

गोष्ठी मे नीतू कुमारी, नमिता देवी, आदि शिक्षामित्र एंव भूप सिह, देवेन्द्र ,बिजेन्द्र, राधेश्याम आदि गणमान्य व्यक्ति उपस्थि थे।

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