फराज अंसारी, बहराइच (यूपी), NIT;
जिला अस्पताल बहराइच की पहचान अब जल्लादों के अस्पताल के रूप में होती जा रही है। यहाँ अपनी पीड़ा कम कराने के लिये आये मरीजों और तीमारदारों की पीड़ा कम करनेहोगा? बजाए खुद डॉक्टर साहब ही पीड़ा बढ़ाते नज़र आ रहे हैं। जिस अस्पताल में लोग अपनी चोटों पर मरहम लगवाने आते हैं उसी अस्पताल में मरहम लगाने वाले दबंग डॉक्टर ने एक युवक को ऐसे ज़ख्म दे दिए जिसकी कल्पना भी युवक ने कभी नही की होगी।
जिला अस्पताल बहराइच में देर रात एक युवक अपनी मामी का इलाज कराने आया था। इस दौरान ड्यूटी पर तैनात डाॅक्टर जब महिला को टाँका लगा रहे थे तो टांका लगाते समय दर्द ज्यादा होने पर साथ आये युवक ने उनसे दर्द का इंजेक्शन लगाने की बात कह दी। बस इतनी सी बात पर नाराज डॉक्टर साहब ने अपने साथियों के साथ उसकी पिटाई करनी शुरू कर दी। डॉक्टर साहब इतने गुस्से में थे कि अस्पताल में तैनात पुलिस कर्मी जब युवक को बचाने पहुंचे तो उन्होंने उनके साथ भी अभद्रता करते हुऐ धक्का दे दिया और औकात में रहने की हिदायत तक दे डाली। डॉक्टर साहब का कहना था कि युवक नशे में है और उसने उन्हें गाली दी है जिसके बाद मामला बिगड़ गया।
मिली जानकारी के अनुसार पयागपुर इलाके के रहने वाले उमेश नाम का युवक कल देर रात अपनी मामी जो कि छत से गिर गयी थी उन्हें लेकर जिला अस्पताल की इमरजेंसी में इलाज कराने के लिये लाया था। जहां पर ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर आर.पी. सिंह ने उसे बाहर से टाँका लाने के लिये कहा, जब वो टाँका लेकर पहुंचा तो डॉक्टर साहब बिना महिला को दर्द का इंजेक्शन लगाये ही उसे टाँका लगाने लगे, जब युवक ने उनसे दर्द का इंजेक्शन लगाने की बात कही तो डॉक्टर साहब का पारा सातवें आसमान पर चढ़ गया और उन्होंने अपने साथियों के साथ युवक की पिटाई शुरू कर दी। डॉक्टर साहब इतने गुस्से में थे कि उसे मारते हुये इमरजेंसी के बाहर तक ले आये। इस दौरान अस्पताल की सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मियों ने जब युवक को बचाने का प्रयास किया तो उन्हें भी धक्का देकर औकात में रहने की हिदायत दे डाली।
अब सवाल यह उठता है कि धरती के भगवान कहे जाने वाले डॉक्टर साहबान ही अस्पताल में दबंगई पर आमादा हो जायें तो फिर ऐसे में यहां इलाज कराने आने वाले मरीजों व उनके तीमारदारों का पुरसासानेहाल कौन होगा?
