अरशद आब्दी, बांदा/झांसी (यूपी), NIT;
रीहैबिलिटेशन सोसायटी ऑफ फिजिकल थैरेपिस्ट इण्डिया एवं मंगल माया इंस्टीट्यूट ऑफ़ नर्सिंग एण्ड पैरामेडिकल साइन्सस के संयुक्त तत्वाधान में उत्तर प्रदेश के बांदा ज़िले में अहाना हॉस्पिटल के सभागार में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन “गर्भावस्था एवं प्रसव में फिजियोथेरेपी का महत्व” विषय पर किया गया, जिसमें आर एस पी टी इण्डिया की पंजाब राज्य समन्वयक डा. प्रीति मदान ने वहां उपस्तिथ फिजियोथेरेपिस्ट एवं नर्सों को गर्भावस्था के दौरान तथा प्रसव के बाद होने वाले शारीरिक परिवर्तनों एवं उनसे उत्पन्न होने वाली समस्याओं से फिजियोथेरेपी द्वारा छुटकारा पाने की विशेष ट्रेनिंग दी।
ज्ञात हो के अधिकतर महिलाएं जागरूकता के आभाव में गर्भ धारण के पश्चात होने वाले शारीरिक परिवर्तनों को समझ नहीं पाती हैं, जिससे उन्हें मानसिक एवं शारीरिक समस्याओं जैसे अवसाद , बदन एवं जोड़ों में दर्द इत्यादि की समस्या तो होती ही है साथ ही साथ कई मामलों में अनुचित दैनिक क्रियाओं के कारण गर्भपात भी हो जाता है और कई बार गर्भवती महिलाओं की इन जटिल समस्याओं का असर सीधे गर्भस्थ शिशु के मानसिक एवं शारीरिक विकास पर भी पड़ता है जिससे की पैदा होने वाला नवजात या तो मंदबुद्धि होता है या फिर शारीरिक रूप से विकृत हो जाता है जिसके फलस्वरूप उसका जीवन सामान्य नहीं रहता। उपरोक्त दशाओं में फिजियोथेरेपी के माध्यम से किस प्रकार लाभ लिया जा सकता है इन सब पर विस्तारपूर्वक सभी प्रतिभागियों को ट्रेनिंग दी गयी। 
कार्यशाला की अध्यक्षता आर एस पी टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. शुजाअत हैदर जाफ़री ने की एवं प्रबंधन डा. एम. डी. शरीफ़ ने किया।
कार्यशाला को सफ़ल बनाने में डा. रेहान हैदर, डा. अरुण चौहान, डा. श्वेता , डा. फ़ैज़ रहमान, डा. प्रीति, इत्यादि का सहयोग सराहनीय था।
अन्त में कार्यशाला के प्रबंधक डा. एम. डी. शरीफ़ ने बेहतरीन मीडिया कवरेज के लिये जनपद झाँसी से आये एनआईटी के ब्यूरो चीफ़ अरशद आबिदी जी को एक बार फिर उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिये सम्मानित करते हुए सभी आगन्तुकों का आभार व्यक्त किया और कार्यशाला का समापन राष्ट्रगान से किया।
