कासिम खलील, बुलढाणा (महाराष्ट्र), NIT;
समाज कल्याण विभाग के माध्यम से पिछडावर्गीय छात्रों को शासन द्वारा शिक्षा के लिये स्कॉलरशिप दी जाती है ताकी पिछडावर्गीय समाज के बच्चे शिक्षा से वंचित ना रहें लेकिन इस स्कॉलरशिप में बडे पैमाने पर संस्था चालकों ने समाज कल्याण विभाग के अधिकारीयों से मिली भगत करते हुए भ्रष्टाचार किया है। इस भ्रष्टाचार का भंडाफोड होने के बाद राज्य सरकार ने एसआईटी स्थापन कर पुरे राज्य में ऐसे शैक्षणिक संस्थाओं की खोज जारी की है जिन्होंने छात्रों की स्कॉलरशिप डकार ली है। इस घोटाले में लिप्त पाए जाने के बाद छात्रों की शिकायत पर बुलढाणा शहर थाने में अलग अलग तीन संस्था चालकों सहित तत्कालीन समाज कल्याण अधिकारी पर विविध धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है। पिछडावर्गीय स्कॉलरशिप घोटाले की जांच कर रही एसआईटी को पता चला कि बुलढाणा जिले में भी अनेक शैक्षीक संस्थाओं में शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्रों को शासन ने स्कॉलरशिप दी है लेकिन यह रकम छात्रों तक पहुंची ही नहीं है। इस मामले में शिकायतकर्ता 30 वर्षीय छात्र दिपक रमेश बिबे, राजपुत ले आऊट, धाड नाका बुलढाणा ने 21 अप्रैल को बुलढाणा शहर थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए कहा कि शिवसाई कॉले आॅफ मैनेजमेंट, बुलढाणा के अध्यक्ष ने सन 2012 में उनके शैक्षीक दस्तावेज लेते हुए कहा की कोर्स पूरा होने पर उन्हें स्कॉलरशिप दी जाएगी लेकिन शासन से प्राप्त 16 हजार 610 रूपए खुद हडप कर शासन के साथ आर्थिक रूपसे धोखाधडी कर भ्रष्टाचार किया है। इस शिकायत पर 21अप्रैल की रात में आरोपी अध्यक्ष शिवसाई कॉलेज आॅफ मैनेजमंट, बुलढाणा तथा तत्कालीन समाज कल्याण अधिकारी बुलढाणा के खिलाफ भादवी की धारा 420, 467, 468, 479, 34 के तहत अपराध दर्ज किया गया।
इसी प्रकार पिछडावर्गीय स्कॉलरशिप की दूसरी शिकायत 22 अप्रैल की मध्यरात्री में बुलढाणा शहर थाने में दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता विष्णु गणेश आव्हाड (27) लहुजी नगर, बुलढाणा ने बताया की टेक्नो आर्ट एनीमेशन एकॅडमी, बुलडाणा ने सन 2012 में एनीमेशन कोर्स के लिये दस्तावेज लिये और कोर्स पूर्ण होने पर स्कॉलरशिप देने की बात कही किंतु शासन से प्राप्त 34 हजार 200 रूपए खुद ने रखते हुए छात्र व शासन की दिशागुल कर भ्रष्टाचार किया। इस शिकायत पर आरोपी टेक्नो आर्ट एनिमेशन अकॅडमी बुलढाणा के अध्यक्ष, संस्था चालक व अन्य सहित तत्कालीन समाज कल्याण अधिकारी पर भादवी की धारा 420, 406, 409, 34 के तहत अपराध दर्ज कर लिया गया है।
तीसरी शिकायत बुलढाणा के कांग्रेस नगर निवासी हर्षल सुखदेव लहाने (31) ने आज 22 अप्रैल को बुलढाणा शहर थाने में दी शिकायत में कहा है कि बालाजी कॉलेज आॅफ आईटी मैनेजमेंट में उसका और उसके भाई अमोल सुखदेव लहाने का एडमिशन कराते हुए कहा गया था की कोर्स पूरा होने पर उन्हें स्कॉलरशिप की रकम दी जाएगी लेकिन शासन से प्राप्त 34 हजार 200 रूपये की रकम संस्था चालक ने रखते हुए छात्र व शासन के साथ धोकाधडी कर भ्रष्टाचार किया है। इस आरोप के तहत उक्त संस्था अध्यक्ष, संस्था चालक तथा तत्कालीन समाज कल्याण अधिकारी के खिलाफ भादवि की धारा 429, 496, 509, 34 के तहत अपराध दर्ज कर लिया गया है। फिल्हाल पुलिस ने एक भी आरोपी को गिरफ्तार नही किया है। मामले की जांच थानेदार सुनील जाधव कर रहे हैं।
एसआईटी पहुंची बुलढाणा
पिछडावर्गीय छात्रों को शासन द्वारा दी गई छात्रवृत्ती छात्रों तक नहीं पहुंची बल्की संस्था चालकों ने ही हडप कर ली है। राज्य स्तरीय इस बडे घोटाले की जांच एसआईटी द्वारा चल रही है। फिल्हाल एसआईटी की एक टीम पिछले दो दिन से बुलढाणा में घुम रही है। उनके पास छात्रवृत्ती के लाभार्थी छात्रों की यादी मौजुद है जो हर छात्र तक पहुंचकर यह जान रहे हैं कि उन्हें स्कॉलरशिप मिली है या नहीं।
भ्रष्टाचारी संस्था चालकों की नींद उडी
बुलढाणा जिले में अनेक सस्थाओं ने छात्रों को स्कॉलरशिप देने का लालच देते हुए अपने कॉलेज में एडमिशन करवाया जरूर लेकिन छात्रों तक स्कॉलरशिप की रकम पहुंची ही नहीं। अब बुलढाणा शहर के तीन संस्था चालकों पर स्कॉलरशिप घोटाले के आरोप में अपराध दर्ज होने के बाद उन संस्था चालकों की नींद उडी हुई है जिन्होंने छात्रों की स्कॉलरशिप हजम कर ली है। बुलढाणा जिले में कई और संस्था चालकों पर कार्रवाई होने की आशंका जताई जा रही है।
जि.प.सदस्य लहाने की है संस्था
देवलघाट सर्कल से जिला परिषद सदस्य तथा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के बुलढाणा तहसील अध्यक्ष डी.एस.लहाने की संस्था द्वारा संचालित शिवसाई कॉलेज आॅफ मैनेजमेंट पर भी बुलढाणा शहर थाने में सबसे पहले स्कॉलरशिप घोटाला मामले में अपराध दर्ज हुआ है। खास बात तो यह है की, 21अप्रैल को डी.एस.लहाने का जन्मदिन था और उसी दिन उन पर धोखाधडी का अपराध दर्ज होना राजकीय क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
