अरार अहमद खान, भोपाल, NIT;
भाजपा के शासन वाले राज्यों में गैंगरेप की दो घटनाओं ने ना सिर्फ देशवासियों को शर्मसार किया है बल्कि महिला सुरक्षा के दावों की पोल भी खोल कर रख दी है। वहीं इस मामले में भाजपा नेताओं के मुंह से सहानुभूति के दो शब्द तक नहीं फूट रहे हैं जबकि वह महिला नेत्रियां जो कांग्रेस शासन में प्रधानमंत्री को चूड़ियां भेजने की बात करती थी वह आज न जाने कहां गुम हो गई हैं, लगता है वह पीएम मोदी की तरह पूरी मौन हो गई हैं। पूर्व प्रदेश महामंत्री महिला कांग्रेस भोपाल की राशिदा मुस्तफा ने निशाना साधते हुये कहा कि निर्भया कांड के वक्त प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी को चूड़ियां भेजने वाली स्मृति दीदी आज के प्रधानमंत्री मोदी जी को क्या भेजेंगी?
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की इस प्रकार की रेप की घटनाओं पर चुप्पी आश्चर्यजनक है। महिला सुरक्षा की बात करने वाली स्मृति ईरानी को आज क्या हो गया कि वह कठुआ की घटना पर इस लिए चुप्पी साधे हुए हैं कि वह बच्ची मुस्लिम है ओर बलात्कारी हिन्दू थे? अपराधी की जातपात नहीं देखी जाती, अपराधी सिर्फ अपराधी होता है भले ही किसी भी जाति का क्यों ना हो। सरकार में बैठे मंत्रियों के लिए सब बराबर है तो फिर यह मौन क्या दर्शाता है?
बीजेपी सरकार में किसी बेटी का बलात्कार होता है तो क्या वो बेटी नहीं है? कोंग्रेस की सरकार में बलात्कार की घटना होने नर पूरा देश को हिंसा की आग में झोंक देने वाले नेताओं को समझना चाहिए कल हमारी बारी थी तो आज किसी ओर की है इसलिए देश जनता सिर्फ कैंडल मार्च से कुछ होने वाला नहीं है, पूरे देश को अपनी जिम्मेदारी समझकर सड़क पर आना होगा तभी इस देश में सभी को समान रूप से इंसाफ मिल सकेगा।

Ha sarkar k khilaf jarur bohot bada aandolan hona chahiye or aam janta ko apni jat pat ko chodkar kadam se kadam milana hoga tabi inke numaindo ko khuch akal ayegi k jab kisiki beti ya kisi ki behen k santh is tarah ki ghatna hoti he to kiya unke dil par gujarti he ye sirf 1maa baap bhai behen unka pariwar hi jansakta he or baki feku taip k log jhuta bharosa b nai dila sakte he.(kiyo k inlogo se kuch hona to he nahi)