ताहिर मिर्ज़ा, उमरखेड-यवतमाल (महाराष्ट्र), NIT;
महाराष्ट्रा के यवतमाल जिला में शराब बंदी की मांग को लेकर गत चार सालों से स्वामिनी संघटन की ओर से मांग की जा रही है तथा नागपुर में हुए पिछले अधिवेशन में यवतमाल जिला से एक विशाल मोर्चे के आयोजन किया गया था, उस समय मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने 6 महीने के भीतर यवतमाल जिला में शराब बंदी का आश्वासन दिया था लेकिन 6 महीने बीत जाने का बाद भी सरकार के धीमे कामों से इस मांग को लेकर जिला के सभी 16 तहसीलो में एक दिन का धरने आंदोलन किया गया। इस मौके पर उमरखेड में भी शराब के बोतल की अंतिम यात्रा महिलाओं की ओर से निकाली गई तथा एक दिन का धरने आंदोलन उमरखेड तहसील कार्यालय के पास किया गया। इस आंदोलन को सफल बनाने में स्वामिनी जिला शराब बंदी तहसील संयोजक शेवन्तराव गायकवाड़, सरोज ताई देशमुख, बंडों भूते, राहुल मोहितवार, संतोष झगडे, त्रेम्बक गंगात्रे, प्रशांत ससाणे, रामदास काळे, दामोदर इंगोले, यूराज ड बंडगर शामिल थे।
