ओवैस सिद्दीकी/सुहेल शेख, अकोला (महाराष्ट्र), NIT;

अकोला जिला के मुर्तजापुर शहर व रेल परिसर में पुलिस की अनदेखी के कारण अवैध मटके व शराब का कारोबार खूब फल फूल रहा है। लोगों ने स्थानीय पुलिस व जीआरपी पर रिश्वत वसूल कर अवैध कारोबार संचालित करवाने का आरोप लगाया है।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक शहर में रेलवे स्टेशन परिसर से लेकर पुरानी बस्ती परिसर तक खुले आम वर्ली मटके के अड्डे जारी हैं साथ ही शहर के कई इलाकों में अवैध रूप से शराब बेची जा रही है, जिसकी वजह से स्थानीय नागरिकों द्वारा सवाल किया जा रहा है कि यह सब अवैध धंदे आखिर किसकी मेहरबानी से चल रहे है और पुलिस एवं जिआरपी द्वारा इन अवैध धंधों पर कब अंकुश लगाया जायेगा? कब प्रशासन अपनी निंद से जागेगी? कब इन पर कारवाई होगी?
सूत्रों द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार रेलवे स्टेशन चौक में दो से तीन अलग अलग चालक अपने अपने अवैध धंदे वर्ली मटका सट्टा आदी खुले आम चला रहे हैं। एक वर्ली मटका चालक ने तो हद ही कर दी है, वह अपना वर्ली मटके का धंदा अपने घर और परिसर को छोड़ कर रेलवे स्टेशन द्वारा बनाये गये मुसाफिर खाने की जगह पर ही चला रहा है। इस वर्ली चालक के साथ एक महिला भी है जो इस धंधे में सहभागी है। परिसर मे रेल यात्रियों से ज्यादा मुसाफिर खाने में वर्ली लगाने और चलाने वालों कि भीड नजर आती है, जिसकी ओर जिआरपी प्रशासन पूर्ण रूप से आंखे बंद किए हुए है। सूत्रो द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार इन अवैध धंदे चालकों पर कारवाई न करने के ऐवज में पुलिस व जिआरपी के अधिकारियों तक नजराने की मोटी रकम पहुंचाई जाती है, जिसे ईमानदारी पूर्वक शहर के पुलिस एवं जिआरपीएफ प्रशासन के उच्च अधिकारीयों तक पहूंचाया जाता है, जिसकी वजह से कारवाई में नजर अंदाजी एवं कोताही की जाती है तथा कभी कारवाई की भी जाती है तो हफ्ता न देने वालों के खिलाफ एवं खानापूर्ती हेतू। यही वजह है कि आज पूरे मुर्तजापुर शहर में स्टेशन परिसर से लेकर पुरानी बस्ती तक अवैध धंदे प्रशासन की नाक के नीचे चल रहे हैं। स्टेशन परिसर में कई जगाहों पर गैरकानूनी तरीके से बनाई जा रही शराब के बेचे जाने की भी खबर है।
पुरानी बस्ती में आठवडी बाजार, ढोर दवाखाना लकडग़ंज आदी परिसर में अवैध धंधे जोरों पर हैं, जिसकी वजह से स्थानीय नागरिक विविध परेशानियों का सामना कर रहे हैं।

इन सब अवैध धंधा चालकों के सिर पर किसका हाथ है जिसकी मेहरबानी से वे खुलेआम नागरिकों पर दबाव एवं खौफ बना कर अपना कारोबार चाला रहे हैं?
इस संदर्भ मे मूर्तिजापूर पुलीस उपविभागीय अधिकारी से संवाददाता द्वारा बार बार संपर्क करने पर भी कोई प्रतिसाद नहीं दिया गया, जिससे अनेकों प्रश्न खडे हो रहे हैं कि कही अवैध धंधा चालकों एवं प्रशासन की आपसी सांठ गांठ तो नहीं है, जिससे बेखौफ होकर पुलिस एवं जिआरपीएफ की नाक के नीचे यह सब चल रहा है। ऐसे अनेको सवाल शहर के नागरिकों द्वारा किए जा रहे हैं।
समय-समय पर पुलीस प्रशासन द्वारा कारवाई की जाती है। इस संदर्भ में मुहिम चलाकर कारवाई की जायेगी। शहर एवं तहसील स्तर पर कई कारवाई की गई है। जिला पुलिस प्रशासन तत्पर है तथा जानकारी मिलते ही छापे मारकर कारवाई की जायेगी: विजयकांत सागर, जिला अपर पुलीस अधीक्षक
