शारिफ अंसारी, मुंबई, NIT;
भिवंडी मनपा क्षेत्र के लाखों नागरिकों के स्वास्थ्य की अनदेखी कर मनपा क्षेत्र अंतर्गत सीमा में लगभग 180 इमारतों पर लगाये गये मोबाइल टावर 99% अवैध हैं। मोबाइल कंपनियां प्रतिमाह ग्राहकों से लाखों-करोडों रूपया लाभ कमा रही हैं। ग्राहकों से लाखों रूपया वसूली के बावजूद मोबाइल टावर कंपनियों द्वारा भिवंडी मनपा का लगभग 8 करोड़ रूपये कर का भुगतान नहीं किए जानें का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। मनपा प्रशासन द्वारा मोबाइल टावर कंपनियों से बकाया राशि की अविलंब भुगतान किये जाने के लिए नोटिस दे कर कहा गया है कि कर का भुगतान करने अन्यथा मोबाइल टावर कनेक्शन सील किये जाने की चेतावनी दी गई है। मोबाइल कंपनी की चोरी ऊपर से सीना जोरी जैसे रवैये से नागरिक व मनपा प्रशासन परेशान है। मोबाइल कंपनी मालिक और बिल्डिंगों की सोसायटियां मलाई काट कर हजम कर रही हैं। जो मनपा प्रशासन की अनुमति के बगैर बिल्डिंगों के ऊपर टावर लगाने की अनुमती दे रखी है जो कि अतिगंभीर समस्या बनी हुई है। गौरतलब हो कि भिवंडी निजामपुर शहर महानगर पालिका अंतर्गत क्षेत्र में मनपा की अनुमति के बगैर प्रसिद्ध मोबाइल कंपनियों आदि के कुल 199 टावर्स शहर की गगनचुंबी इमारतों पर खड़े किये गये हैं। शहर की इमारतों पर लगाये गये मोबाइल टावर्स में बीएसएनएल, एयरटेल, आइडिया, टेलीनॉर, रिलाइंस, टाटा, यूनीनॉर, वोडाफोन आदि प्रमुख मोबाइल कम्पनियों के टावर शामिल हैं। इमारतों पर मोबाइल टावर लगाने वाली प्रमुख कम्पनियां इमारत मालिकों व सोसायटी को प्रतिमाह किराया स्वरुप लगभग 15 से 25 हजार रूपया भुगतान करती हैं। हैरतअंगेज तथ्य यह है कि सरलता से ग्राहकों को मोबाइल कनेक्शन प्राप्त होनें की चाह रखने वाली मोबाइल टावर्स कंपनियों द्वारा कई मूलभूत नियमों की भी अनदेखी की गई है। मोबाइल टावर्स से स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव होनें की खबरें भी आम हैं। सूत्रों की मानें तो, अधिसंख्यक मोबाइल कंपनियों द्वारा मनपा की अनुमति लिए बगैर ही इमारत मालिकों को लालच देकर मनपा द्वारा घोषित धोकादायक इमारतों पर भी मोबाईल टावर लगाये गये हैं। भिवंडी मनपा कर निर्धारण विभाग द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार विभिन्न मोबाइल कंपनियों द्वारा मनपा शहर सीमा के अंतर्गत कुल 199 मोबाइल टावर्स लगाये गये हैं। मनपा द्वारा मोबाइल टावर हेतु प्रदान की गई अनुमति के अलावा जो भी मोबाइल टावर्स कंपनियों द्वारा इमारतों पर बगैर मनपा प्रशासन की अनुमति के लगाये गये हैं उन्हें दंड की नोटिस भेजी गई है।
मनपा आयुक्त डाॅ . योगेश म्हसे के आदेश पर शहर के तमाम मनपा कर बकायेदारों से वसूली हेतु अधिकारीयों, कर्मचारियों द्वारा व्यापक तरीके से वसूली अभियान चलाया जा रहा है। जानकारी के अनुसार मोबाइल टावर कंपनियों पर कुल 8 करोड़ रूपये का टैक्स बकाया है। मनपा प्रशासन द्वारा कड़ा रुख अपनाते हुए टावर कम्पनियों से फरवरी माह के अंत तक संपूर्ण बकाये की रकम मनपा तिजोरी में भरे जानें का आदेश दिया गया है अन्यथा मनपा नियमों के तहत कार्यवाई कर मोबाइल टावर्स सील किये जाने की प्रक्रिया शुरू किये जाने की चेतावनी दी गई है।
मनपा सूत्रों ने चौकाने वाला खुलासा करते हुए बताया है ,कि कई खतरनाक घोषित इमारतों पर मोबाईल कंपनियों ने फर्जी सर्टिफिकेट बनवा कर मनपा की अनुमति लिए बगैर चोरी से बिल्डिंग की सोसायटी की सहमती से बड़े बड़े टावर खड़े कर दिए हैं जिससे भविष्य में बड़ा हादसा होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है।
