कासिम खलील, बुलढाणा (महाराष्ट्र), NIT;
बुलढाणा जिला के सिंदखेड राजा तहसिल अंतर्गत ग्राम जल पिंपलगांव शिवार के खेत में अज्ञात शिकारी द्वारा लगाए गए जाल में फंसे तेंदुए को देखने के लिए उमड़ी भीड़ की घबराहट के कारण वयस्क मादा तेंदुए की कल 4 फ़रवरी को मौत हो गई थी, जिसका आज 5 फ़रवरी को पोस्टमार्टम करने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में जलारकर शव को नष्ट कर दिया गया।
फसलों की सुरक्षा के आलावा कई शिकारी जंगली सूअर के शिकार के लिए खेतों के इतराफ़ में जाल लगाते हैं। ऐसा ही एक मामला सिंदखेड राजा तहसिल के ग्राम जल पिंपलगांव में सामने आया। 4 फरवरी को ओमकार बापू भालेराव के खेत में किसी शिकारी ने शिकार के मकसद से जाल लगाया था जिसमें एक मादा तेंदुआ बुरी तरह से फंस गया था। इसकी जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में भीड़ तेंदुए को देखने के लिए उमड़ पडी थी। इस बीच डीएफओ बी.ट.भगत को जानकारी मिलने के बाद उन्होंने तेंदुए को जाल से मुक्त कराने के लिए तत्काल रेस्क्यू टीम को घटनास्थल की दिशा में भेज दिया किन्तु घटना स्थल पर मौजूद भीड़ की चीख पुकार और तेंदुए को जाल से छुड़ाने के प्रयास में तेंदुआ काफी घबरा गया और रेस्क्यू टीम के वहाँ पहुंचने से पहले ही तेंदुए ने दम तोड़ दिया था। तत्पश्चात घटना का पंचनामा कर मृत तेंदुए को सिंदखेड राजा के वनविभाग की काला पानी रोपवाटिका में लाया गया जहां डीएफओ बी.टी.भगत, एसीएफ बी.ए.पोल, मानद वन्यजीव रक्षक मंजितसिंह सिख शाम को वहाँ पहुंचे किन्तु रात हो जाने के कारण आज 5 फ़रवरी को तेंदुए का पोस्टमार्टम करने के बाद उसके शव को जला कर नष्ट कर दिया गया। फिल्हाल वनविभाग ने कोई अपराध दर्ज नहीं किया है।
इस विषय में डीएफओ भगत ने NIT संवाददाता को बताया कि जाल में फंसी मादा तेंदुए की मौत भीड़ को अपने आसपास देख कर घबराहट के कारण हुई है। पोस्ट मार्टम से ये पता चला है कि मृत तेंदुए को शावक नहीं है। इस घटना की गंभीरता को देखते हुए जल्द ही ठोस कदम उठाया जाएगा।
