शिवराज मामा के राज में भांजियां नहीं हैं सुरक्षित, छेड़छांड से तंग आकर नाबालिग छात्रा ने दी जान, लापरवाही बरतने के आरोप में जांच अधिकारी निलंबित | New India Times

जितेंद्र वर्मा, हरदा ( मध्यप्रदेश ), NIT; ​शिवराज मामा के राज में भांजियां नहीं हैं सुरक्षित, छेड़छांड से तंग आकर नाबालिग छात्रा ने दी जान, लापरवाही बरतने के आरोप में जांच अधिकारी निलंबित | New India Timesहरदा जिले में नाबालिग छात्रा ने छड़छाड़ से तंग आकर फांसी लगा ली,  जिससे गुस्साई भीड़ ने अस्पताल में तोड़फोड़ की और हाइवे को जाम कर दिया।                         मध्यप्रदेश के हरदा जिले में शिवराज मामा की भांजियां मनचलों से महफ़ूज़ नहीं हैं। एक नाबालिक छात्रा ने छेड़छाड़ से तंग आकर तथा महिला पुलिस जांच अधिकारी के तल्ख लहज़े से परेशान होकर अपने घर में फांसी लगा ली। घटना को लेकर परिजनों में गहरा आक्रोश है। स्थिति को देखते हुए में अस्पताल में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। इधर आरोपी युवकों के घर पर पुलिस बल भी तैनात कर दिया गया है।​शिवराज मामा के राज में भांजियां नहीं हैं सुरक्षित, छेड़छांड से तंग आकर नाबालिग छात्रा ने दी जान, लापरवाही बरतने के आरोप में जांच अधिकारी निलंबित | New India Timesमिली जानकारी के अनुसार कल शाम को मोहल्ले के ही समुदाय विशेष के कुछ बदमाशों की छेड़छाड़ से परेशान होकर छात्रा ने घर में फांसी लगाई थी। हरदा पुलिस ने मामले में कार्यवाही शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि शीघ्र ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जायेगा।अभी नाबालिक के पिता की शिकायत पर 10 लोगों के खिलाफ धारा 306, 34 के तहत मामला दर्ज किया गया है। उधर घटना के बाद शहर में भारी आक्रोश है। आक्रोशित लोगों ने नेशनल हाइवे- 59 ए पर चक्का जाम कर दिया। हालांकि पुलिस अधिकारियों के आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारियों ने मार्ग से अवरोध हटा लिए। किशोरी द्वारा आत्महत्या करने से गुस्साए परिजनों ने गुरुवार सुबह भी जमकर आक्रोश प्रकट किया। समूह के रूप में बाजार में घूमकर दुकान बंद रख विरोध में शामिल होने की अपील की। इसके बाद वे जिला अस्पताल में भी एकत्रित हुए और सभी आरोपियों को पकडऩे की मांग को लेकर मुख्य द्वार के सामने धरना देकर बैठ गए। आक्रोशित परिजनों ने किशोरी के शव का पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार करने से इंकार करते हुए सभी आरोपियों की गिरफ्तारी और दोषी महिला पुलिसकर्मी को हटाए जाने की मांग पर अड़े रहे। स्थिति को बिगड़ता देख एसपी आदित्य प्रताप सिंह ने परिजनों को बताया की मामले में सात आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है और अन्य तीन आरोपियों की तलाश में पुलिस पार्टी रवाना की गई है, वही महिला पुलिसकर्मी गाजीवती पुषाम के खिलाफ शाम तक जांच करवाकर सख्त कार्रवाई किए जाने का भरोसा दिया है।​शिवराज मामा के राज में भांजियां नहीं हैं सुरक्षित, छेड़छांड से तंग आकर नाबालिग छात्रा ने दी जान, लापरवाही बरतने के आरोप में जांच अधिकारी निलंबित | New India Times उल्लेखनीय है की मामलें में पुलिस ने दस आरोपियों शकीला, फारुख, सलमान, फिरोज, शेरू, अहमद शाह, सलीम, मेहमूद, कल्लू और बबलू के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। इनमें से सात को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। छेड़छाड़ करने वाले आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई करने में कोताही बरती तो उनके हौसले बुलंद हो गए। किशोरी द्वारा आत्मघाती कदम उठाने को इसी का परिणाम बताया जा रहा है। ज्ञात हो कि बायपास रोड निवासी कक्षा 11वीं की छात्रा निधि धनगर ने बुधवार शाम फांसी लगाकर जान दे दी थी। उसके शव को जिला अस्पताल लाया गया। खबर मिलते ही समाजजन एकत्रित हो गए और पुलिस की लचर कार्यप्रणाली के खिलाफ जमकर आक्रोश जताया। उन्होंने अस्पताल चौकी में तोडफ़ोड़ भी की। दरअसल बीते साल जुलाई में किशोरी ने आरोपियों के खिलाफ छेडख़ानी का प्रकरण दर्ज कराया था। परिजनों का कहना है कि नवंबर में जेल से बाहर आने के बाद आरोपी समझौता करने के लिए धमका रहे थे। इसी से तंग आकर किशोरी ने जान दी। एएसपी किरणलता केरकेट्टा ने जानकारी देते हुए बताया कि छेड़छाड़ का प्रकरण कोर्ट में विचाराधीन है। नवंबर में दी गई शिकायत पर क्या कार्रवाई हुई इसकी जांच की जाएगी। जांच अधिकारी द्वारा किशोरी के परिजनों पर ही उल्टे कार्रवाई करने की चेतावनी संबंधी सवाल पर एएसपी ने कहा कि इस बात की भी पड़ताल की जा रही है। ​शिवराज मामा के राज में भांजियां नहीं हैं सुरक्षित, छेड़छांड से तंग आकर नाबालिग छात्रा ने दी जान, लापरवाही बरतने के आरोप में जांच अधिकारी निलंबित | New India Timesमृत छात्रा के पिता रामुलाल तथा मां राखिया बाई धनगर ने चर्चा के दौरान बताया की उनकी बेटी को आरोपियों ने इतना प्रताड़ित किया की उसने बदमाशों से तंग आकर कुछ  दिनों से स्कूल तक जाना बंद कर दिया था। जिसके बाद उसे स्कूल बस से भेजा जा रहा था। छात्रा के परिजनों ने महिला पुलिसकर्मी गाजीवती पुषाम पर आरोप लगाते हुए कहा की पुषाम ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई न करते हुए उल्टा उनके खिलाफ मामला कायम करने की धमकी देते हुए मुंह बंद रखने की हिदायत दी थी। जिसके बाद से मृतिका निधि परेशान थी। एसपी के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आश्वासन के बाद परिजनों ने भारी पुलिस व्यवस्था के बीच छात्रा का स्थानीय मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार कर दिया। 

मामले के प्रकाश में आने के बाद जिला मुख्यालय पर गुरूवार सुबह से ही तनाव की स्थिति नज़र आई। नगर के अधिकांश बाज़ार क्षेत्रों में दुकाने बंद रहीं, वहीँ दूसरी और कुछ संगठनों के कार्यकर्त्ताओं ने बाज़ार में घूमकर दुकानों को बंद कराया। मामले की गंभीरता और नगर में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती की गई है। पुलिस सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार स्थिति को देखते हुए आसपास के जिलों से भी बल बुलाया गया है। ​शिवराज मामा के राज में भांजियां नहीं हैं सुरक्षित, छेड़छांड से तंग आकर नाबालिग छात्रा ने दी जान, लापरवाही बरतने के आरोप में जांच अधिकारी निलंबित | New India Timesएसपी आदित्य प्रताप सिंह ने छात्रा से छेड़छाड़ की शिकायत पर जांच में कोताही बरतने वाली महिला सब इंस्पेक्टर गाजीवती पुसाम को निलंबित कर दिया है। एएसपी किरणलता केरकेट्टा ने बताया कि छात्रा की शिकायत पर जुलाई २०१६ में छेड़छाड़ का प्रकरण दर्ज हुआ था। नवंबर में थाने में शिकायत की गई थी कि जेल से छूटने के बाद आरोपी उन्हें समझौता करने के लिए धमका रहे हैं। इस शिकायत की जांच एसआई पुसाम के पास थी। छात्रा के परिजनों का कहना था कि जांच के दौरान पुसाम का व्यवहार उनके प्रति ठीक नहीं रहा। एसपी सिंह ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए पुसाम को निलंबित किया है। ज्ञात हो कि बुधवार शाम 11वीं कक्षा की छात्रा ने आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद आक्रोशित परिजनों ने जिला अस्पताल में जमकर हंगामा मचाया था। वे आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े थे। पुलिस ने देररात दस आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया। इनमें से सात को गिरफ्तार किया जा चुका है। घटना के विरोध में शुक्रवार को शहर का बाजार बंद रहा। इधर पोस्टमार्टम के बाद छात्रा के शव का मुक्तिधाम पर अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान सुरक्षा के मद्देनजर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था।

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