अबरार अहमद खान, भोपाल, NIT;
इश्क अंधा होता है। यह कहावत कई बार सच साबित हो चुकी है। ताजा मामला रायपुर में सामने आया है। इश्क के चक्कर में रायपुर के गुढियारी थाना क्षेत्र में एक निर्दयी मां ने अपने प्रेमी संग भागने के लिए अपनी ही तीन वर्षीय मासूम बच्ची को मौत के घाट उतार दिया।
मिली जानकारी के अनुसार रायपुर के गुढियारी थाना के गोगांवा बजरंग नगर में हर्षिता महार उर्फ अंशू (3) की हत्या उसी की मां लक्ष्मी महार ने की थी। यह खुलासा क्राइम ब्रांच एएसपी दीपमाला कश्यप ने शुक्रवार को किया। उन्होंने बताया कि आरोपी महिला लक्ष्मी महार उर्फ लीली ने बच्ची की हत्या प्रेम संबंध में आड़े आने के कारण की, क्योंकि प्रेमी उसे बिना बच्ची के अपनाना चाहता था। जिसके कारण उसने छत पर पानी की टंकी में डुबोकर 23 जनवरी को उसकी हत्या कर दी थी। बीते सोमवार को उसकी लाश घर के ऊपर की टंकी में मिली थी। दरअसल हर्षिता कमरे से गायब थी। रात को वह पिता भोला सिंह व मां लक्ष्मी के साथ सोई थी। इसके बाद मां ने उसे पानी की टंकी में डुबो दिया था।
पुलिस को मृतक बच्ची के माता-पिता पर मासूम की हत्या का संदेह था। इस पर उसने दोनों से अलग-अलग पूछताछ की तो उनके बयान अलग-अलग मिले। शक के आधार पर दोनों के कॉल डिटेल भी निकलवाए गये। इससे यह बात सामने आई कि बच्ची की मां लक्ष्मी रातभर एक अन्य व्यक्ति से वॉट्सएप पर चैटिंग करती थी। पुलिस ने इस संबंध में महिला से पूछा तो उसने पहले इंकार कर दिया लेकिन जब सख्ती से पूछताछ की गयी तो उसने जुर्म स्वीकर करते हुए बताया कि वह स्कूल के समय के प्रेमी से चैटिंग करती थी। महिला ने बताया कि वह 2011 में 12वीं मामा के घर में रह कर पढ़ती थी। जहां एक लड़के से प्रेम संबंध हो गया था। यह जानकारी माता-पिता को लग गई और उन्होंने ने उसका विवाह गोगांव के भोलाराम से कर दिया। वह बेमन से पति के साथ रहती थी, लेकिन उसका आकर्षण प्रेमी की तरफ कम नहीं हुआ। चार माह पहले फेसबुक पर उसने प्रेमी को खोजा और उससे मोबाइल नंबर लेकर बातें करने लगी। रात में पति के सोने के बाद वॉट्सएप पर चैटिंग करती थी। उसकी योजना थी कि वह पति को छोड़कर प्रेमी के पास चली जाएगी। इस योजना में उसकी बच्ची अड़चन थी। इस कारण उसने बच्ची की हत्या कर दी। मां ने बेटी की हत्या की योजना पहले से बना रखी थी। इसलिए दो दिन पहले ही उसके पैर से पायल निकाल दी थी। 23 जनवरी की शाम बच्ची दादा की साथ खेलते-खेलते सो गई। जिसके बाद आरोपी लक्ष्मी उसे उठाकर वहां से लाई। उसने बच्ची को अपने और पति के बीच में सुलाकर खुद कंबल ओढ़कर सोने का नाकट किया। कुछ देर बच्ची भोला राम के साथ खेलती रही फिर दोनों सो गए। रात करीब 12 बजे लक्ष्मी ने सोती हुई बच्ची को लेकर छत में गई और मुंह दबाकर 5 मिनट तक टंकी में डुबोये रखा जिससे उसकी मौत हो गई।
