संदीप शुक्ला, छिंदवाड़ा (मध्यप्रदेश ), NIT;
छिंदवाड़ा जिला के नव नियुक्त एसपी गौरव तिवारी द्वारा रिश्वतखोरी की रोकथाम के लिए जारी किये गये नये आदेश को लेकर घिरते नजर आ रहे हैं। इस आदेश पर मध्य प्रदेश के गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह ने आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि इस तरह का आदेश जारी करना गलत है। किसी और की गलती के लिए थाना प्रभारी को दंड नहीं दिया जा सकता है। आदेश जारी करना सरकार का काम होता है। गृहमंत्री ने कहा आईपीएस गौरव तिवारी अच्छे पुलिस अफसर हैं। अच्छे काम करने वाले अफसरों को सरकार प्रोत्साहित भी करती है और सम्मान भी करती है लेकिन इस तरह का आदेश जारी करना गलत है और इसके लिए सरकार उनसे जवाब मांगेगी और उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करेगी।
दरअसल, कटनी से तबादला होकर छिंदवाड़ा आये नए एसपी गौरव तिवारी ने रिश्वत की रोकथाम के लिए सख्ती दिखाते हुए एक आदेश जारी किया था, जिसमें उन्होंने जिले के सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया था कि थाना क्षेत्र में स्टाफ का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी अगर रिश्वत लेते हुए पकड़ा जाता है तो थाना प्रभारी इसका जिम्मेदार माना जाएगा और रिश्वत मामले में संलिप्तता मानते हुए सम्बंधित थाना प्रभारी पर दंडात्मक कार्रवाई की जायेगी। इस आदेश को जारी करने के बाद से ही इसका खुला विरोध होने लगा है। जिसकी गूँज सरकार तक भी पहुँच चुकी है। अब सरकार छिंदवाड़ा एसपी से जल्द ही इस मामले में जवाब मांग सकती है।
