हनीफ खान, ब्यूरो चीफ, मिर्जापुर (यूपी), NIT:
उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मिर्जापुर द्वारा संचालित संविधान संवाद कार्यक्रम के अंतर्गत शुक्रवार को डॉ. सरला सर्राफ पब्लिक स्कूल में विद्यार्थियों को भारतीय संविधान के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मिर्जापुर के सचिव आनंद कुमार-II ने विद्यार्थियों को संविधान के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को भारतीय संविधान के निर्माण की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, संविधान सभा के योगदान, संविधान की प्रस्तावना तथा उसमें निहित न्याय, स्वतंत्रता, समानता एवं बंधुत्व जैसे मूलभूत आदर्शों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। उन्होंने प्रस्तावना के प्रत्येक शब्द का महत्व समझाते हुए बताया कि भारतीय संविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं, बल्कि देश की एकता, अखंडता, लोकतांत्रिक व्यवस्था और प्रत्येक नागरिक की गरिमा का आधार है।
उन्होंने विद्यार्थियों को मौलिक अधिकारों एवं मौलिक कर्तव्यों की जानकारी देते हुए कहा कि एक जागरूक नागरिक होने के नाते संविधान का सम्मान करना, राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता बनाए रखना तथा समाज में आपसी सद्भाव और भाईचारे की भावना विकसित करना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने कहा कि देशभक्ति का वास्तविक अर्थ संविधान में निहित मूल्यों को अपने जीवन और व्यवहार में अपनाना है।
संविधान संवाद कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद के विभिन्न विद्यालयों में आगे भी न्यायिक अधिकारियों, वरिष्ठ अधिवक्ताओं एवं लीगल एड डिफेंस काउंसिल (LADC) के सदस्यों द्वारा विद्यार्थियों के बीच संविधान के विभिन्न विषयों पर संवाद, परिचर्चा एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य नई पीढ़ी में संवैधानिक चेतना और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति सम्मान विकसित करना है।
इसी क्रम में 26 नवंबर 2026 को संविधान दिवस के अवसर पर विभिन्न विद्यालयों में क्विज प्रतियोगिता, सामूहिक रूप से संविधान की प्रस्तावना का पाठ तथा पुरस्कार वितरण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का उद्देश्य संविधान की भावना को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना तथा प्रत्येक नागरिक को उसके संवैधानिक अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना है।
