संदीप शुक्ला, ब्यूरो चीफ, ग्वालियर (मप्र), NIT:

डॉ. भगवत सहाय शासकीय महाविद्यालय, ग्वालियर में स्वामी विवेकानंद करियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के अंतर्गत आयोजित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग तथा AI फ्रीलांसिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन समारोह उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 6 अक्टूबर 2026 को प्रारंभ हुआ था और 4 नवंबर 2026 को संपन्न हुआ।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिंट इंस्टीट्यूट, ग्वालियर के डायरेक्टर श्री रमेश शिवहरे रहे। विशिष्ट अतिथियों के रूप में डॉ. विजय गंभीर एवं डॉ. जी.एल. गुप्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. मीना श्रीवास्तव ने की।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती एवं स्वामी विवेकानंद जी के चित्रों पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। अतिथियों ने अपने उद्बोधन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग के वर्तमान समय में बढ़ते महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आधुनिक तकनीकी कौशल विद्यार्थियों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध करा रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान अर्जित कर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 35 विद्यार्थियों ने पंजीयन कराया। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग एवं AI फ्रीलांसिंग से संबंधित तकनीकी और व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई। प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण होने पर आयोजित समापन समारोह में सभी प्रशिक्षणार्थियों को अतिथियों द्वारा प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। प्रमाण-पत्र प्राप्त कर विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला।
कार्यक्रम का कुशल मंच संचालन महाविद्यालय के विद्यार्थी अमन गोस्वामी एवं पायल शर्मा ने किया। अंत में स्वामी विवेकानंद करियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ की टीपीओ एवं प्रकोष्ठ प्रभारी डॉ. ज्योति शर्मा ने सभी अतिथियों, प्राचार्य, प्रशिक्षकों, प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापकगण डॉ. आयुषी जैन, डॉ. योगेंद्र जैन, डॉ. अशोक बरैया, डॉ. बंटी कुशवाह, डॉ. मुकेश गर्ग, डॉ. ब्रजराज सिंह, डॉ. सीता अग्रवाल, डॉ. आभा बाजपेयी, डॉ. अमित शर्मा, डॉ. नजनीन बानो, डॉ. अरुण उपाध्याय, डॉ. डी.बी. सिंह सहित अन्य प्राध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी कौशलों से जोड़कर भविष्य की रोजगार संबंधी चुनौतियों के लिए तैयार करना तथा उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना रहा।
