गुलशन परूथी, ग्वालियर (मप्र), NIT:
प्रेस्टीज प्रबंधन एवं शोध संस्थान, ग्वालियर में आयोजित चार दिवसीय वार्षिक महोत्सव ‘स्पंदन–2026’ के तीसरे दिन 03 नवंबर 2026 को चार प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। ग्वालियर एवं अन्य स्थानों के विभिन्न शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों ने वाक्पटुता, चित्रकला, काव्य-अभिव्यक्ति और संगीत से जुड़ी प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का संपूर्ण आयोजन विद्यार्थियों द्वारा किया गया, जबकि शिक्षक केवल मार्गदर्शक की भूमिका में रहे।
ज्ञात हो कि ‘स्पंदन’ का आयोजन विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करने और उनकी छिपी प्रतिभाओं को निखारने के उद्देश्य से किया जाता है। महोत्सव का शुभारंभ 01 नवंबर 2026 को उद्घाटन सत्र के साथ हुआ था। इसके बाद पहले और दूसरे दिन भी विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। प्रतियोगिताओं में निष्पक्षता बनाए रखने के लिए सभी निर्णायक संस्थान से बाहर के रखे गए हैं। साथ ही, सभी प्रतिभागियों को प्रतिभागिता प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे।
तीसरे दिन आयोजित प्रतियोगिताओं का विवरण इस प्रकार है:
1. जस्ट-अ-मिनट : यह समयबद्ध प्रतियोगिता थी, जिसमें प्रत्येक प्रतिभागी को अपनी बात रखने के लिए एक मिनट का समय दिया गया। सीमित समय में विचारों को सुव्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करने की इस चुनौती ने प्रतिभागियों के आत्मविश्वास, वाक्पटुता और त्वरित सोचने की क्षमता की परख की। समय की सीमा के कारण प्रतिभागियों को प्रत्येक शब्द और वाक्य सोच-समझकर चुनना पड़ा, जिससे प्रतियोगिता और भी रोचक बन गई। ऐसी प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों के मन से मंच का भय दूर करने और प्रभावी ढंग से अपनी बात रखने का कौशल विकसित करने में सहायक होती हैं।
विजेता: प्रथम – संजना धाकड़, द्वितीय – अंजलि राजावत, तृतीय – मोहित सिकरवार।
2. चित्रकला : इस प्रतियोगिता में कला और रंगों के माध्यम से प्रतिभागियों की कल्पनाशीलता एवं रचनात्मकता को मंच प्रदान किया गया। प्रतिभागियों ने रंगों और रेखाओं के माध्यम से अपने विचारों एवं भावनाओं को आकार दिया। कला के माध्यम से विद्यार्थियों को बिना शब्दों के अपनी सोच व्यक्त करने का अवसर मिला। प्रतिभागियों ने पूरी एकाग्रता के साथ अपनी कृतियां तैयार कीं, जिनमें रंगों के संयोजन, कल्पनाशीलता और प्रस्तुति का विशेष महत्व रहा।
विजेता: प्रथम – प्रगति अग्रवाल, द्वितीय – हैदर खान, तृतीय – सेजल वर्मा।
3. ओपन माइक : इस प्रतियोगिता में उन कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिला, जो समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों और विषयों को अपने अलग-अलग नजरिये से देखते हैं तथा शब्दों के माध्यम से अपनी भावनाएं व्यक्त करते हैं। प्रतिभागियों ने बेझिझक अपने विचार, भावनाएं और अनुभव मंच से साझा किए। उन्हें अपनी बात खुलकर रखने की स्वतंत्रता मिली। समाज से जुड़े विभिन्न विषयों पर दी गई प्रस्तुतियों ने दर्शकों को सोचने पर मजबूर किया। प्रस्तुतियों के बाद दर्शकों ने तालियों के माध्यम से कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
विजेता: प्रथम – रुद्राक्ष त्रिवेदी, द्वितीय – प्रियांशु कुशवाह, तृतीय – मुकुल सिंह।
4. अंत्याक्षरी : यह प्रतियोगिता कई चरणों में आयोजित की गई, जिसमें प्रतिभागियों ने दो-दो सदस्यों की टीम बनाकर हिस्सा लिया। पहला चरण सामान्य अंत्याक्षरी की तर्ज पर खेला गया, जबकि आगे के चरणों में धुन पहचानने और संकेतों के आधार पर गाने पहचानने जैसी रोचक गतिविधियां शामिल रहीं। धुन पहचानने वाले चरण में प्रतिभागियों की संगीत संबंधी समझ और याददाश्त की परख हुई, जबकि संकेत आधारित चरण में उनकी त्वरित सोचने की क्षमता और टीम के बीच तालमेल की परीक्षा हुई। दर्शकों ने भी पुराने और नए गानों का भरपूर आनंद लिया।
सभी प्रतियोगिताओं के दौरान संस्थान के समस्त शिक्षकगण एवं स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे। उन्होंने मार्गदर्शन और सहयोग प्रदान करते हुए प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। विद्यार्थी स्वयंसेवकों ने आयोजन की व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संभाला, जिससे सभी प्रतियोगिताएं निर्धारित समय पर और अनुशासित ढंग से संपन्न हुईं।
तीसरे दिन भी संस्थान परिसर में उत्सव का माहौल बना रहा। विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और भरपूर आनंद उठाया। कहीं तालियों की गूंज, कहीं गानों की धुनें तो कहीं साथियों के उत्साहवर्धन के बीच विद्यार्थियों ने नए अनुभव हासिल किए और यादगार पल संजोए। प्रतिभागियों ने आयोजन के लिए संस्थान का आभार व्यक्त किया तथा महोत्सव के अंतिम दिन होने वाले कार्यक्रमों को लेकर भी उत्साह जताया।
आगामी कार्यक्रम
चौथा दिन (04 नवंबर 2026): महोत्सव का समापन जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर में सांस्कृतिक संध्या एवं समापन समारोह के साथ होगा। इस अवसर पर विद्यार्थी विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे। सांस्कृतिक संध्या एवं समापन समारोह की समन्वयक डॉ. आम्रपाली चावला हैं, जबकि सांस्कृतिक संध्या की समन्वयिका स्वीटी दुबे हैं।
महोत्सव के मुख्य प्रायोजक OPPO तथा सह-प्रायोजक पंजाब नेशनल बैंक (PNB), ललित जैन केटरिंग एंड हॉस्पिटैलिटी सर्विस, SK पेंटर्स, एनकोर कंस्ट्रक्शन्स, क्राफ्टन इंडिया एस्पोर्ट्स एवं स्टूडियो SAPL – स्पेस आर्किटेक्ट्स प्रा. लि. के सहयोग के लिए संस्थान ने सभी प्रायोजकों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।
