अशफ़ाक़ क़ायमखानी, ब्यूरो चीफ, जयपुर (राजस्थान), NIT:

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर स्थित अपने सरकारी आवास पर कायमखानी समाज के प्रतिनिधियों को आमंत्रित कर जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया। राजनीतिक हलकों में यह कार्यक्रम चर्चा का विषय बना हुआ है। इसे कायमखानी समाज के साथ किसी मुख्यमंत्री द्वारा सरकारी आवास पर आयोजित पहला औपचारिक संवाद कार्यक्रम बताया जा रहा है।
इस कार्यक्रम के आयोजन में बेसवा गांव की निवर्तमान सरपंच एवं वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अरशद अली खान की पत्नी ज़रीना खान, राजस्थान क़ायमखानी महासभा के संयोजक कर्नल शौकत खान तथा शिक्षक नेता आमीन कायमखानी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम में प्रदेशभर से कायमखानी समाज की प्रमुख एवं प्रभावशाली शख्सियतों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। बड़ी संख्या में समाज के महिला-पुरुष भी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने संवाद के दौरान कायमखानी समाज के गौरवशाली इतिहास, वीरता, कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी और देश की रक्षा के लिए दिए गए बलिदानों का उल्लेख किया। उन्होंने युद्धों में समाज के वीर जवानों की भूमिका और दुश्मन सेना के खिलाफ उनकी बहादुरी की सराहना करते हुए राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी।
इस दौरान समाज के प्रतिनिधियों ने कायमखानी बिरादरी को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की केंद्रीय सूची में शामिल करने सहित कई महत्वपूर्ण मांगें मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं। पंचायत चुनावों के चलते आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण मुख्यमंत्री ने मांगों पर खुलकर कोई घोषणा नहीं की, लेकिन संकेतों में कई मांगों पर सकारात्मक आश्वासन दिया।
इस जनसंवाद कार्यक्रम के आयोजन में प्रमुख भूमिका निभाने वाली जरीना खान की राजनीतिक और सामाजिक सक्रियता को भी नई पहचान मिली है। शेखावाटी क्षेत्र के कायमखानी बहुल बड़े गांव बेसवा की जरीना खान दो बार सरपंच रह चुकी हैं। वर्तमान में वह सीकर जिला परिषद के वार्ड संख्या 47 से चुनाव लड़ रही हैं।

राजस्थान में कायमखानी समाज को ऐतिहासिक रूप से राजपूत मूल से जुड़ी मुस्लिम बिरादरी के रूप में पहचाना जाता है। इस समाज में कृषि के साथ-साथ सेना और पुलिस जैसी सरकारी सेवाओं में जाने की परंपरा रही है। बीते कुछ वर्षों में शिक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता और मेहनत के चलते समाज के युवा प्रशासनिक सेवाओं सहित विभिन्न सिविल सेवाओं में भी अपनी पहचान बना रहे हैं। देश की रक्षा में समाज के योगदान और वीरता की परंपरा के चलते भारतीय सेना में कायमखानी बटालियन भी स्थापित है।
राजस्थान की राजनीति में भी कायमखानी समाज की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। समाज के प्रतिनिधि कांग्रेस के अलावा स्वतंत्र पार्टी, जनता पार्टी और भाजपा से विधायक एवं मंत्री बन चुके हैं। कायमखानी समाज के राजनीतिक रुख में समय के साथ बदलाव और परिस्थितियों के अनुसार समर्थन देने की रणनीति भी देखने को मिलती रही है। आलम अली खान फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र से स्वतंत्र पार्टी और जनता पार्टी के टिकट पर विधायक रहे। वहीं रमजान खान और यूनुस खान भाजपा से विधायक बनने के साथ राज्य सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। यूनुस खान वर्तमान में डीडवाना से निर्दलीय विधायक हैं। उन्हें राजस्थान के राजनीतिक इतिहास में मुस्लिम समुदाय से आने वाले निर्दलीय विधायक के रूप में विशेष पहचान मिली है।
कुल मिलाकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की इस पहल को कायमखानी समाज के साथ राजनीतिक और सामाजिक संवाद की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। समाज के लोगों में इस आयोजन को लेकर उत्साह है और इसे मुख्यमंत्री की सकारात्मक पहल के रूप में सराहा जा रहा है। वहीं, राजनीतिक हलकों में भी इस कार्यक्रम के दूरगामी प्रभावों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
