राकेश यादव, ब्यूरो चीफ, सागर (म.प्र.), NIT:
देवरी क्षेत्र में नेशनल हाईवे-44 पर गुरुचौपड़ा के पास बरकोटी के जंगल में सोमवार को एक घायल बाघ दिखाई देने से इलाके में हलचल मच गई। बाघ सड़क किनारे बैठा मिला। उसे देखने के लिए ग्रामीणों और राहगीरों की भीड़ जमा हो गई। लोगों की भीड़ देखकर बाघ पत्थरों के पीछे छिपकर बैठ गया। बताया जा रहा है कि वह ठीक से चल भी नहीं पा रहा था। उसके पैरों में चोट होने की आशंका जताई जा रही है।
बाघ को कभी पत्थरों के पीछे तो कभी पेड़ की छांव में बैठे देखा गया। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस और वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही गौरझामर वन परिक्षेत्र की टीम मौके पर पहुंची और बाघ की स्थिति का जायजा लेकर वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दी।
दुर्गावती टाइगर रिजर्व से बुलाई गई रेस्क्यू टीम
वन विभाग ने घायल बाघ को सुरक्षित रेस्क्यू करने के लिए वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व से विशेष रेस्क्यू दल बुलाया है। वन विभाग की टीम बाघ की निगरानी कर रही है और उसे सुरक्षित जंगल से निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं।
वाहन की टक्कर से घायल होने की आशंका
जिस स्थान पर बाघ मिला है, वहां से नेशनल हाईवे-44 गुजरता है और हाईवे के दोनों ओर घना जंगल है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि जंगल से गुजरते समय बाघ किसी वाहन की चपेट में आकर घायल हुआ होगा। हालांकि, बाघ के घायल होने का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है।
गौरतलब है कि इससे पहले दिसंबर 2024 में भी बरकोटी घाटी के गुरुचौपड़ा के पास एक तेंदुए की वाहन की चपेट में आने से मौत हो गई थी। लगातार वन्यजीवों के सड़क हादसों का शिकार होने से हाईवे पर उनकी सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
