वी.के. त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:

कस्बे में दशहरा मेले के दौरान दुर्गा देवी मंदिर परिसर में श्री जनता रामलीला कमेटी की ओर से आयोजित रामलीला में शनिवार को धनुष यज्ञ की लीला का मंचन किया गया। भगवान श्रीराम के शिव धनुष तोड़ते ही पूरा पंडाल जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा।

लीला के अनुसार, मुनि विश्वामित्र भगवान श्रीराम और लक्ष्मण को लेकर जनकपुर में राजा जनक के दरबार पहुंचते हैं। वहां माता सीता के स्वयंवर का आयोजन किया जाता है। राजा जनक घोषणा करते हैं कि जो भी वीर शिव धनुष को तोड़ेगा, उसी के साथ माता सीता का विवाह होगा।

स्वयंवर में पहुंचे तमाम राजा-महाराजा शिव धनुष तोड़ने का प्रयास करते हैं, लेकिन कोई भी सफल नहीं हो पाता। सभी राजाओं को असफल देखकर राजा जनक निराश हो जाते हैं और कहते हैं कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि धरती वीरों से खाली हो जाएगी।

राजा जनक की बात सुनकर लक्ष्मण क्रोधित हो जाते हैं और उन्हें अपनी बात पर पुनर्विचार करने के लिए कहते हैं। इस पर भगवान श्रीराम लक्ष्मण को समझाकर शांत करते हैं। इसके बाद मुनि विश्वामित्र की आज्ञा से भगवान श्रीराम धनुष तोड़ने के लिए आगे बढ़ते हैं।

भगवान श्रीराम माता सीता की व्याकुलता देखकर शिव धनुष को स्पर्श करते ही तोड़ देते हैं। धनुष टूटते ही पूरा पंडाल जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठता है। इस मनमोहक दृश्य का दर्शकों ने उत्साह और श्रद्धा के साथ आनंद लिया।

इस अवसर पर मेला कमेटी के अध्यक्ष डॉ. नीटू गुप्ता, कार्यवाहक अध्यक्ष जितेंद्र गुप्ता, कोषाध्यक्ष शिशिर गुप्ता, चेयरमैन शिव कुमार गर्ग, महामंत्री अजय गर्ग टीटू और अनिल कुंबले सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

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