त्रिवेंद्र जाट, देवरी/सागर (मप्र), NIT:

सागर जिले के देवरी विकासखंड में स्वास्थ्य विभाग से जुड़ा एक महत्वपूर्ण आदेश सामने आया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला सागर द्वारा 28 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश के अनुसार, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवरी का संपूर्ण प्रभार आगामी आदेश तक डॉ. अमित रंजन त्रिपाठी, चिकित्सा अधिकारी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र महाराजपुर को सौंपा गया है। आदेश में तत्काल प्रभाव से प्रभार ग्रहण कर कार्य संपादित करने के निर्देश दिए गए हैं।

आदेश के अनुसार, स्वास्थ्य आयुक्त के दिशा-निर्देशों के तहत संलग्नीकरण समाप्त करते हुए यह नई व्यवस्था लागू की गई है। वहीं, आदेश की प्रतिलिपि के माध्यम से वर्तमान प्रभारी खंड चिकित्सा अधिकारी, देवरी डॉ. पूजा परमार को निर्देशित किया गया है कि वे अपना समस्त प्रभार तत्काल डॉ. अमित रंजन त्रिपाठी को सौंप दें तथा अपनी मूल पदस्थापना प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरायठा में उपस्थित होकर कार्य करना सुनिश्चित करें।

गौरझामर के कथित झोलाछाप डॉक्टरों का मामला भी चर्चा में

इधर, देवरी विकासखंड के गौरझामर में डॉ. टीके विश्वास और डॉ. अश्वनी मजूमदार के यहां कथित रूप से संचालित क्लीनिकों को लेकर पहले से ही सवाल उठ रहे हैं। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि दोनों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग लगातार की जा रही है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के इस नए आदेश के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी और लंबित शिकायतों के निराकरण को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

हालांकि, विभागीय आदेश में डॉ. पूजा परमार का प्रभार बदले जाने का कारण गौरझामर के कथित झोलाछाप डॉक्टरों से संबंधित मामला नहीं बताया गया है। इसलिए दोनों घटनाओं के बीच सीधा संबंध स्थापित करना उचित नहीं होगा।

नए प्रभारी के सामने होंगी ये चुनौतियां

देवरी क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था सुचारु बनाए रखना, ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाओं की निगरानी करना तथा कथित अवैध क्लीनिकों से संबंधित शिकायतों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करना नए प्रभारी के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां होंगी।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि गौरझामर में कथित झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ की गई शिकायतों की जांच कहां तक पहुंची है और स्वास्थ्य विभाग आगे क्या कार्रवाई करेगा? क्षेत्र के लोगों को उम्मीद है कि विभाग संबंधित व्यक्तियों की शैक्षणिक योग्यता, पंजीयन एवं क्लीनिक संचालन की वैधानिक स्थिति की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करेगा।

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