मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:
अदब, शायरी और तहज़ीब की रिवायतों को ज़िंदा रखने तथा उर्दू-हिंदी ज़बान के फ़रोग़ के मक़सद से गुलिस्तान-ए-हिन्द और साहिर लुधियानवी साहित्य एवं सांस्कृतिक समिति, भोपाल-मुंबई के संयुक्त तत्वावधान में मुंबई में एक शानदार ऑल इंडिया मुशायरा, कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह आयोजित किया जा रहा है।
आयोजकों की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, यह अदबी और तहज़ीबी महफ़िल रविवार, 1 नवंबर 2026 को दोपहर 3 बजे से कम्युनिटी हॉल, फ्लावर वैली कॉम्प्लेक्स, मीरा रोड (ईस्ट), मुंबई में मुनअक़िद होगी।
‘कहाँ गए वो लोग, जो हमें याद आते हैं’ की थीम पर आयोजित होने वाली यह यादगार महफ़िल मरहूम शायरों और साहित्यकारों को ख़िराज-ए-अक़ीदत पेश करने के लिए मुनअक़िद की जा रही है। इन अज़ीम अदबी शख़्सियतों ने अपनी बेमिसाल शायरी, फ़िक्र और अदबी ख़िदमात से उर्दू-हिंदी साहित्य को नई बुलंदियाँ अता कीं। इनमें अली सरदार जाफ़री, गीतों के बेताज बादशाह गोपालदास नीरज, इंक़लाबी और रूमानी शायरी के अज़ीम फ़नकार साहिर लुधियानवी, पद्मश्री डॉ. बशीर बद्र तथा मुंबई के मशहूर साहित्यकार फ़ारूक़ सैयद (गुल-बूटे) शामिल हैं।
इस मौक़े पर इन अज़ीम फ़नकारों की अदबी विरासत, उनके अफ़कार और उर्दू-हिंदी साहित्य के लिए उनकी बेमिसाल ख़िदमात को याद करते हुए उन्हें पुरख़ुलूस ख़िराज-ए-अक़ीदत पेश किया जाएगा।
अदबी ख़िदमात के एतराफ़ में नामवर शायरों और साहित्यकारों का एज़ाज़
आयोजक संस्थाओं की ओर से जानकारी देते हुए संस्था के सदर ग़ुलाम क़ादर (भोपाल) ने इस प्रतिनिधि को एक विशेष भेंट में बताया कि इस यादगार तक़रीब में उर्दू-हिंदी अदब, शायरी, सहाफ़त और सांस्कृतिक गतिविधियों के मैदान में नुमायाँ ख़िदमात अंजाम देने वाली कई मोअतबर शख़्सियतों को ख़ुसूसी तौर पर सम्मानित किया जाएगा।
इनमें मुंबई के मशहूर शायर एवं नाज़िम-ए-मुशायरा यूसुफ़ दीवान, नामवर कवि हृदयेश मयंक, मारूफ़ शायर आरिफ़ महमूदाबादी, बुरहानपुर-मुंबई के वरिष्ठ सहाफ़ी एवं शायर इक़बाल अंसारी, मुंबई के मशहूर शायर एवं नाज़िम-ए-मुशायरा तथा सेवानिवृत्त प्रोफ़ेसर डॉ. क़ासिम इमाम, नामवर शायर ज़ामी अंसारी, इरफ़ान शेख़ और मुंबई की मशहूर शायरा सना इल्हाम शामिल हैं।
इन तमाम अदबी शख़्सियतों को उनकी क़ाबिल-ए-क़द्र साहित्यिक ख़िदमात, उर्दू-हिंदी ज़बान के फ़रोग़ और अदबी सरगर्मियों में मुसलसल योगदान के एतराफ़ में एज़ाज़ से नवाज़ा जाएगा।
मुंबई और भोपाल के नामवर शोअरा अपनी शायरी से महफ़िल को रौशन करेंगे
इस पुरवक़ार अदबी जलसे में मुंबई, भोपाल और दीगर शहरों के कई मारूफ़ शोअरा और कवि अपने दिलनशीं कलाम से सामईन को महज़ूज़ करेंगे।
मदऊ शोअरा एवं कवियों में उर्दू आँगन संस्था के सदर और मुंबई के मशहूर शायर मुशीर अहमद अंसारी, अज़ीम असर (भोपाल), एस. एम. सिराज (भोपाल), महावीर सिंह नारायण (भोपाल), ग़ुलाम क़ादर (भोपाल), उमर आज़मी (मारुल), मुंबई के वरिष्ठ शायर हामिद इक़बाल सिद्दीक़ी, हृदयेश मयंक, राकेश शर्मा, ज़ामी अंसारी और इरफ़ान शेख़ के नाम क़ाबिल-ए-ज़िक्र हैं।
इस मौक़े पर शायरी के मुख़्तलिफ़ रंगों, ग़ज़ल, नज़्म, गीत और समकालीन काव्य की ख़ूबसूरत पेशकश के ज़रिए मोहब्बत, इंसानियत, अम्न, भाईचारे और गंगा-जमुनी तहज़ीब का पैग़ाम आम किया जाएगा।
अहले-अदब और बाज़ौक़ सामईन से शिरकत की पुरख़ुलूस अपील
मुंबई, मीरा रोड और आसपास के इलाक़ों में रहने वाले तमाम अहले-अदब, शायरी के शौक़ीनों, साहित्यप्रेमियों और बाज़ौक़ सामईन से आयोजकों ने इस अदबी महफ़िल में कसीर तादाद में शिरकत करने की पुरख़ुलूस अपील की है।
आयोजकों ने कहा कि यह महज़ एक मुशायरा या कवि सम्मेलन नहीं, बल्कि उन अज़ीम शख़्सियतों की यादों को ताज़ा करने की एक अदबी कोशिश है, जिनका कलाम आज भी लाखों लोगों के दिलों में ज़िंदा है।
यह महफ़िल उन अज़ीम फ़नकारों के नाम होगी, जो आज हमारे दरमियान मौजूद नहीं हैं, मगर जिनकी शायरी, उनके अफ़कार और उनकी यादें आज भी अदब की दुनिया में चिराग़ बनकर रौशन हैं।
