ओम प्रकाश सोनी, ब्यूरो चीफ, अनूपपुर (मप्र), NIT:

अनूपपुर जिले के बिजुरी थाना क्षेत्र अंतर्गत बेलगांव के पास स्थित कनई नदी में कथित तौर पर वर्षों से रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन किए जाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि नदी से लगातार रेत निकाले जाने के कारण उसका प्राकृतिक स्वरूप प्रभावित हो रहा है। यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो आने वाले समय में नदी के अस्तित्व पर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है।
ग्रामीणों के अनुसार, कनई नदी से ट्रैक्टरों के माध्यम से रेत निकालकर उसका परिवहन किया जा रहा है। उनका कहना है कि लंबे समय से यह गतिविधि जारी होने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है। इससे स्थानीय पुलिस और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय सूत्रों के हवाले से रेत परिवहन करने वाले ट्रैक्टरों से कथित तौर पर प्रति ट्रैक्टर हिसाब तय होने की चर्चा भी सामने आई है। इस मामले में बीट प्रभारी और थाना प्रभारी की भूमिका को लेकर भी आरोप लगाए जा रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
ग्रामीणों के बीच यह चर्चा भी है कि कथित राजनीतिक संरक्षण के चलते रेत का अवैध कारोबार जारी है। यदि इन आरोपों में सच्चाई सामने आती है, तो यह प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और कानून व्यवस्था से जुड़ा गंभीर मामला होगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि अवैध उत्खनन और परिवहन में शामिल लोगों की पहचान हो सके। साथ ही, यदि किसी अधिकारी या अन्य जिम्मेदार व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि कनई नदी क्षेत्र के पर्यावरण और स्थानीय जनजीवन के लिए महत्वपूर्ण है। नदी के प्राकृतिक स्वरूप से छेड़छाड़ होने पर जलस्रोतों और पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे में अवैध उत्खनन पर समय रहते रोक लगाना आवश्यक है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, खनिज विभाग और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से बेलगांव के पास कनई नदी में रेत उत्खनन की जांच कराने, अवैध परिवहन पर तत्काल रोक लगाने और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। अब देखना यह है कि संबंधित विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और कनई नदी को कथित अवैध रेत कारोबार से बचाने के लिए कब ठोस कदम उठाए जाते हैं।
