रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी/पंकज बड़ोला, झाबुआ (मप्र), NIT:

महिला पतंजलि योग समिति द्वारा कालिका माता मंदिर में सामूहिक महाआरती एवं माता की आराधना का आयोजन किया गया। इस अवसर पर महिला मंडल की सदस्यों ने गरबा रास प्रस्तुत किया तथा देवी महिमा का सामूहिक पाठ कर मां की भक्ति में भाग लिया।
महिला योग प्रभारी रुक्मणी वर्मा ने नवरात्रि के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नवरात्रि नकारात्मकता पर सकारात्मकता की विजय, शक्ति की उपासना और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक है। नवरात्रि का उल्लेख प्राचीन हिंदू धर्मग्रंथों और पौराणिक कथाओं में मिलता है। मार्कंडेय पुराण के देवी माहात्म्य में मां दुर्गा और महिषासुर के युद्ध का वर्णन है। वहीं, भगवान श्रीराम द्वारा रावण वध से पूर्व शक्ति पूजा किए जाने की मान्यता भी शक्ति उपासना के महत्व को दर्शाती है। नवरात्रि आत्मशुद्धि, साधना और आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त करने का विशेष अवसर है।
कार्यक्रम में पूर्व आईएएस अधिकारी श्रीमती सूरज डामोर ने अपने उद्बोधन में भारतीय ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सप्ताह के विभिन्न दिनों तथा उनसे जुड़े रंगों के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मान्यता के अनुसार सोमवार को सफेद, मंगलवार को केसरिया, बुधवार को हरा या पिस्ता रंग, गुरुवार को पीला या सुनहरा, शुक्रवार को गुलाबी, शनिवार को काला, नीला या जामुनी तथा रविवार को नारंगी, गहरा पीला या सुनहरा रंग पहनना शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन रंगों का संबंध विभिन्न ग्रहों से जोड़ा जाता है।
इस अवसर पर योग परिवार की संगठन मंत्री मधु जोशी, कोषाध्यक्ष ज्योति जोशी, सहसचिव लीना पटेल सहित सक्रिय कार्यकर्ता माधुरी नीमा, सीमा धबाई, संजू गांधी, रजनी पाटीदार, पूनम सिन्हा, किरण सोनी, ज्योति सोनी, कल्पना रानी, संजीत राठौर, पिंकी राठौर, ज्योति वर्मा, नीता शाह और शीतल तंबोली उपस्थित रहीं।
कालिका माता समिति के अध्यक्ष श्री राजेंद्र अग्निहोत्री, श्री कनुभाई राठौर, श्री आतिश शर्मा, श्री गुप्ता और श्री प्रदीप अरोड़ा का भी योग परिवार को सहयोग प्राप्त हुआ। कार्यक्रम में समिति के सभी सदस्यों ने सहभागिता की।
त में योग परिवार की बहनों ने झाबुआ शहर के नागरिकों से कालिका माता मंदिर की धर्मशाला के ऊपर आयोजित होने वाली नियमित योग कक्षाओं में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने में मदद मिलती है। उनका संदेश था—योग करें, निरोग रहें।
