ज़फ़र खान, आकोट/अकोला (महाराष्ट्र), NIT:
दुर्गा देवी विसर्जन उत्सव शांतिपूर्ण, सुरक्षित और निर्विघ्न वातावरण में संपन्न कराने के लिए अकोला जिला पुलिस प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। अकोट शहर में आयोजित होने वाले विसर्जन उत्सव के दौरान कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने तथा नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़ा पुलिस बंदोबस्त तैनात किया गया है। भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।
उत्सव के मद्देनजर अकोला जिले के साथ-साथ अमरावती संभाग से भी अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया है। बंदोबस्त में पुलिस उपाधीक्षक स्तर के 3 अधिकारी, 13 पुलिस निरीक्षक, 57 सहायक पुलिस निरीक्षक एवं पुलिस उपनिरीक्षक, 946 पुलिस कर्मचारी, 195 होमगार्ड जवानों के साथ आरसीपी और एसआरपीएफ की प्लाटून शामिल हैं। विसर्जन मार्गों और संवेदनशील स्थानों का ड्रोन कैमरों के माध्यम से निरीक्षण किया गया है। इसके अलावा, मिरवणूक के दौरान कुल 30 कैमरों और ड्रोन के जरिए गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।

इसी क्रम में दुर्गा देवी विसर्जन उत्सव के मद्देनजर 18 अक्टूबर को अकोट शहर पुलिस थाने की ओर से आईटीआई मैदान, अकोट में दंगा नियंत्रण योजना के तहत अभ्यास किया गया। इसमें अकोट उपविभाग के सभी पुलिस थानों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया। अभ्यास के दौरान आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई करने, भीड़ पर कानूनी तरीके से नियंत्रण रखने तथा कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने का प्रशिक्षण दिया गया।
पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे 19 अक्टूबर को होने वाले दुर्गा देवी विसर्जन उत्सव के दौरान शांति एवं सुव्यवस्था बनाए रखें, पुलिस प्रशासन का सहयोग करें और किसी भी अफवाह पर विश्वास न करें। उत्सव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी नागरिकों से जिम्मेदारीपूर्वक सहयोग करने का आह्वान किया गया है।
