अतीश दीपंकर, ब्यूरो चीफ, पटना (बिहार), NIT:
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, कहलगांव खंड की ओर से विजयादशमी उत्सव हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने के बाद 101वें वर्ष में प्रवेश के अवसर पर नगर में पूर्ण गणवेशधारी स्वयंसेवकों ने अनुशासित पथ संचलन किया।
पथ संचलन के बाद बौद्धिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य वक्ता के रूप में भागलपुर जिले के सह जिला कार्यवाह सुसज्जन कुमार ने स्वयंसेवकों को संबोधित किया।
शाखा से होता है व्यक्ति निर्माण
अपने संबोधन में श्री कुमार ने कहा कि शाखा पद्धति एक सिद्ध पद्धति है और संघ के कार्य का मूल आधार शाखा ही है। शाखा के माध्यम से स्वयंसेवकों का शारीरिक, बौद्धिक और मानसिक विकास होता है। व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण का ध्येय शाखा के माध्यम से ही पूरा होता है। इसलिए प्रत्येक स्वयंसेवक को प्रतिदिन शाखा में उपस्थित होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि संघ के 100 वर्षों के कार्य ने यह सिद्ध किया है कि हिंदू समाज संगठित होता है, तो राष्ट्र सुरक्षित होता है। उन्होंने समाज के समक्ष पांच प्रमुख विषयों पर विशेष रूप से कार्य करने का आह्वान किया।
इन पांच विषयों पर दिया जोर
- सामाजिक समरसता: जात-पात और ऊंच-नीच के भेदभाव को मिटाकर समरस समाज का निर्माण करना।
- कुटुंब प्रबोधन: परिवार को संस्कारों और अच्छे मूल्यों का केंद्र बनाना।
- पर्यावरण संरक्षण: जल संरक्षण, वृक्षारोपण और प्लास्टिक मुक्त जीवनशैली को बढ़ावा देना।
- स्वदेशी का आग्रह: दैनिक जीवन में स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग को प्राथमिकता देना।
- नागरिक कर्तव्य: संविधान में उल्लिखित नागरिक कर्तव्यों का पालन करना।
कई पदाधिकारी और स्वयंसेवक रहे मौजूद
कार्यक्रम में विभाग शारीरिक प्रमुख मदन कुमार, जिला शारीरिक प्रमुख कृष, जिला संपर्क प्रमुख सुशील पाण्डेय, जिला कुटुंब प्रबोधन संयोजक अरविन्द सिंह, खंड कार्यवाह पवन कुमार, खंड बौद्धिक प्रमुख प्रियदर्शी आत्मानंद सहित मनोज चौधरी, अनीश चौधरी, विश्वजीत चौरसिया समेत अनेक वरिष्ठ कार्यकर्ता और स्वयंसेवक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के माध्यम से स्वयंसेवकों ने अनुशासन, संगठन और राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पण का संदेश दिया।
