शमसुद्दोहा, ब्यूरो चीफ, गोरखपुर (यूपी), NIT:
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, गोरखपुर ने चिकित्सा प्रतिपूर्ति की जटिल ऑनलाइन व्यवस्था के विरोध में शुक्रवार को जोरदार प्रदर्शन किया। परिषद ने मांग की कि सेवारत कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए ऑनलाइन व्यवस्था के साथ-साथ पहले से चली आ रही ऑफलाइन व्यवस्था भी अनिवार्य रूप से जारी रखी जाए।
विरोध प्रदर्शन के बाद संगठन के पदाधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) के कार्यालय पहुंचा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी के अनुपस्थित रहने पर पदाधिकारियों ने कार्यालय के अन्य कर्मचारियों से मुलाकात की और चिकित्सा प्रतिपूर्ति की ऑनलाइन एवं ऑफलाइन प्रक्रियाओं में कर्मचारियों तथा पेंशनरों को आ रही व्यावहारिक समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की।
परिषद के अध्यक्ष रूपेश कुमार श्रीवास्तव ने प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि कर्मचारियों और पेंशनरों को ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन चिकित्सा प्रतिपूर्ति की सुविधा भी निरंतर मिलनी चाहिए, ताकि किसी को इलाज या भुगतान के संबंध में असुविधा का सामना न करना पड़े। वहीं, मदन मुरारी ने कहा कि जब तक विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को पोर्टल के संचालन का पूर्ण एवं सुचारु प्रशिक्षण नहीं मिल जाता, तब तक नई व्यवस्था को अनिवार्य रूप से लागू नहीं किया जाना चाहिए।
इसी क्रम में सौरभ श्रीवास्तव ने मांग की कि चिकित्सा प्रतिपूर्ति के बिलों का भुगतान एसजीपीजीआईएमएस (SGPGIMS) की निर्धारित दरों के बजाय निजी अस्पतालों की वास्तविक प्रचलित दरों के आधार पर किया जाए, क्योंकि वर्तमान दरें वास्तविक चिकित्सा खर्चों की तुलना में काफी कम हैं। अशोक पांडे, जनमेजय पांडे और अनूप कुमार ने भी संयुक्त रूप से सरकार की इस जटिल ऑनलाइन प्रक्रिया का विरोध किया।
परिषद ने अपनी प्रमुख मांगों को रेखांकित करते हुए कहा कि एनपीएस (NPS) के तहत सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी चिकित्सा प्रतिपूर्ति और कैशलेस चिकित्सा कार्ड का लाभ दिया जाए, क्योंकि सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें चिकित्सा संबंधी खर्चों के लिए पर्याप्त सहायता नहीं मिल पाती। इसके अलावा, 1 अक्टूबर से पहले के सभी लंबित बिलों का निस्तारण अनिवार्य रूप से ऑफलाइन माध्यम से करने की मांग की गई।
परिषद ने यह मुद्दा भी उठाया कि वर्ष 2022 से पहले सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों के पास ईएचआरएमएस (eHRMS) कोड उपलब्ध नहीं होने के कारण वे पोर्टल पर आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। इसके साथ ही, चिकित्सा प्रतिपूर्ति के बिलों से की जा रही 10 प्रतिशत आयकर कटौती को तत्काल बंद करने, पंडित दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा कार्ड की सुविधा सभी अस्पतालों में ओपीडी (OPD) सेवाओं के लिए प्रभावी ढंग से लागू करने तथा ऑनलाइन प्रणाली की जटिलताओं को दूर करने के लिए विशेष शिविर आयोजित कर कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने की मांग की गई।
इस अवसर पर रूपेश श्रीवास्तव, मदन मुरारी, अशोक पांडे, अनूप कुमार, सौरभ श्रीवास्तव, सुभाष पांडे, जय प्रकाश, रामधनी पासवान, अनूप गुप्ता, जनमेजय पांडे, चंद्र प्रकाश, जय प्रकाश यादव, मुखदेव देव, महेंद्र प्रसाद, रवि शर्मा, रामचंद्र दूबे और विकास तिवारी सहित परिषद के अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
