मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:
नगर पालिक निगम बुरहानपुर में जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आम नागरिकों को कथित तौर पर महीनों तक परेशान होना पड़ रहा है। स्पष्ट नीति और व्यवस्थित कार्यप्रणाली के अभाव में नागरिकों को अनावश्यक रूप से नगर निगम के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। नियमानुसार आवेदन प्रस्तुत करने के बावजूद समय पर काम नहीं होने और शिकायतों पर सुनवाई न होने से नागरिकों में नाराजगी बढ़ रही है।
जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र प्रत्येक नागरिक के लिए एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है। इसके अभाव में कई सरकारी एवं अन्य आवश्यक कार्य प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में यदि इस महत्वपूर्ण विभाग में आवेदन महीनों तक लंबित रहें और आवेदकों को बार-बार नगर निगम के चक्कर लगाने पड़ें, तो यह व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
आखिर आवेदकों की परेशानी के लिए जिम्मेदार कौन?
नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए शिकायत में आरोप लगाया गया है कि संबंधित विभाग के कर्मचारियों की कार्यशैली के कारण जनता परेशान है। आवेदकों को समय पर राहत नहीं मिल रही है और विभागीय व्यवस्था पर नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों का प्रभावी नियंत्रण दिखाई नहीं देता। शिकायत में कुछ कर्मचारियों पर कथित तौर पर अनुचित आर्थिक लाभ लेने के कारण व्यवस्था प्रभावित करने के आरोप भी लगाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र जांच और संबंधित पक्ष का जवाब सामने आना आवश्यक है।
बड़े अधिकारियों तक भी नहीं पहुंच रही जनता की आवाज
समस्या केवल प्रमाण पत्र बनाने तक सीमित नहीं है। शिकायत के अनुसार, जब नागरिक अपनी समस्याओं से वरिष्ठ अधिकारियों को मोबाइल फोन के माध्यम से अवगत कराने का प्रयास करते हैं, तो कई बार उनके फोन कॉल भी रिसीव नहीं किए जाते। ऐसे में आम नागरिक अपनी समस्या लेकर आखिर किसके पास जाएं? यदि जिम्मेदार अधिकारियों तक जनता की शिकायतें ही नहीं पहुंचेंगी, तो समाधान की उम्मीद कैसे की जा सकती है?
नगर निगम के जनसंपर्क विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि यह विभाग प्रेस विज्ञप्तियां जारी करने तक सीमित रह गया है, जबकि जनता की वास्तविक समस्याओं को जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंचाने और उनके निराकरण की दिशा में अधिक सक्रियता अपेक्षित है।
व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने की मांग
शिकायत में मांग की गई है कि जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र विभाग की कार्यप्रणाली की समीक्षा की जाए, लंबित आवेदनों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए तथा कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जाए। यदि जांच में किसी कर्मचारी की लापरवाही या अनियमितता सामने आती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही, अक्षम एवं गैर-जिम्मेदार पाए जाने वाले कर्मचारियों के स्थान पर कार्यकुशल, जवाबदेह और जनसेवा के प्रति संवेदनशील कर्मचारियों की नियुक्ति की जाए।
नगर निगम प्रशासन को चाहिए कि जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए आवेदन की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेजों, निर्धारित समय-सीमा और शिकायत निवारण व्यवस्था को स्पष्ट रूप से सार्वजनिक करे। आवेदकों को अपने आवेदन की स्थिति जानने की सुविधा मिले और शिकायतों के लिए जिम्मेदार अधिकारी का संपर्क विवरण भी उपलब्ध कराया जाए।
जनता को राहत देना नगर निगम की जिम्मेदारी है। नागरिक अपने ही शहर में एक आवश्यक प्रमाण पत्र के लिए महीनों तक भटकने को मजबूर हों, तो यह प्रशासनिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है। अब जरूरत केवल आश्वासनों की नहीं, बल्कि जवाबदेही तय करने और व्यवस्था में ठोस सुधार करने की है।
नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी इस जनसमस्या को गंभीरता से लेते हुए तत्काल आवश्यक कदम उठाएं, ताकि आम नागरिकों को राहत मिले और नगर निगम के प्रति जनता का विश्वास मजबूत हो सके।
