भूपेन्द्र पांडेय, मेजा/प्रयागराज (यूपी), NIT:
उरुवा विकासखंड के ग्राम पंचायत कोटहा स्थित प्राथमिक विद्यालय में विद्यालय संचालन को लेकर सवाल उठने का मामला सामने आया है। विद्यालय के मुख्य गेट पर ताला लगा दिखाई दिया, जबकि कुछ बच्चे स्कूल बैग लेकर विद्यालय के बाहर खड़े नजर आए। हाईवे/मुख्य मार्ग के किनारे स्थित विद्यालय में बच्चों का इस तरह बाहर इंतजार करना विद्यालय संचालन और उनकी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता का विषय बन गया है।
तस्वीर में विद्यालय परिसर खाली दिखाई दे रहा है और बाहर बच्चे विद्यालय खुलने का इंतजार करते नजर आ रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि विद्यालय का निर्धारित समय शुरू हो चुका था और बच्चे समय पर पहुंच गए थे, तो उन्हें विद्यालय परिसर में प्रवेश क्यों नहीं मिला। हालांकि, इस स्थिति के वास्तविक कारण की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
प्रधानाध्यापिका व स्टाफ की कार्यशैली पर सवाल
विद्यालय की प्रधानाध्यापिका माया तिवारी विद्यालय के संचालन की प्रमुख जिम्मेदार हैं। ऐसे में विद्यालय समय से खुला या नहीं, शिक्षक निर्धारित समय पर पहुंचे या नहीं तथा बच्चों को समय पर विद्यालय परिसर में प्रवेश मिला या नहीं, इन बिंदुओं की जांच आवश्यक है।
वहीं, विद्यालय स्टाफ रीतू प्रजापति की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। यदि विद्यालय संचालन के समय बच्चे गेट के बाहर खड़े थे, तो उस समय विद्यालय में कौन-कौन से कर्मचारी मौजूद थे और बच्चों को परिसर में प्रवेश क्यों नहीं मिला, इसका स्पष्ट जवाब जांच के बाद सामने आना चाहिए।
बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा से जुड़ा मामला
अभिभावक अपने बच्चों को विद्यालय में नियमित पढ़ाई और सुरक्षित वातावरण की उम्मीद से भेजते हैं। ऐसे में छोटे बच्चों का विद्यालय के बाहर इंतजार करना उनकी शिक्षा और सुरक्षा दोनों से जुड़ा विषय है।
हाईवे/मुख्य मार्ग के किनारे विद्यालय होने के कारण बच्चों की सुरक्षा को लेकर स्थिति और संवेदनशील हो जाती है। विद्यालय परिसर में बच्चों की निगरानी और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना विद्यालय प्रबंधन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
शिक्षा विभाग से जांच की मांग
मामले में संबंधित शिक्षा अधिकारियों से विद्यालय का निर्धारित समय, शिक्षक उपस्थिति, उपस्थिति पंजिका और वास्तविक विद्यालय संचालन की स्थिति की जांच कराने की मांग की जा रही है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाना चाहिए कि बच्चों को विद्यालय के बाहर क्यों इंतजार करना पड़ा।
जांच के दौरान प्रधानाध्यापिका माया तिवारी, स्टाफ रीतू प्रजापति तथा अन्य संबंधित कर्मचारियों का पक्ष भी लिया जाना चाहिए, ताकि घटना की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा से जुड़े इस मामले में निष्पक्ष जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विद्यालय बंद रहने और बच्चों के बाहर खड़े रहने के पीछे वास्तविक कारण क्या था।
