मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

महात्मा गांधी जयंती के अवसर पर ताप्ती सेवा समिति, बुरहानपुर द्वारा सतियारा घाट स्थित पूज्य बापू के समाधि स्थल पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में महात्मा गांधी के विचारों को स्मरण करते हुए स्वच्छता के व्यापक अर्थ पर चर्चा की गई तथा अपने कर्मों के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव और मानवता का संदेश देने वाले समाजसेवियों का सम्मान किया गया।

कार्यक्रम में समाजसेवी विनय पुनिवाला ने कहा कि स्वच्छता को केवल सड़क, नाली और सार्वजनिक स्थानों की सफाई तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। स्वच्छता का संबंध हमारे विचारों, व्यवहार और सामाजिक जिम्मेदारी से भी है। कचरा केवल बाहर ही नहीं, कई बार हमारी सोच में भी जमा होता है।

उन्होंने कहा कि सड़क पर पड़ा कचरा दिखाई देता है और सफाई के माध्यम से उसे हटाया जा सकता है, लेकिन समाज में जमा होने वाली नकारात्मक सोच, कटुता, असम्मान, अफवाह और सामाजिक उदासीनता दिखाई नहीं देती। इसलिए आवश्यकता केवल अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने की नहीं, बल्कि अपने विचारों और व्यवहार को भी सकारात्मक बनाने की है।

गांधी जयंती के अवसर पर औपचारिक संदेशों के बजाय अपने कर्मों से समाज में सुधार और मानवता का संदेश देने वाले सुरेंद्र सुगंधी का सम्मान किया गया। उनके द्वारा सतियारा घाट पर डूबने के संकट में फंसे लोगों को बचाने के प्रयासों तथा लोगों के घरों में सांप घुसने पर उन्हें सुरक्षित रूप से पकड़कर परिवारों को भय और संकट से मुक्त करने के कार्यों का उल्लेख किया गया।

इसी क्रम में डॉ. मनोज अग्रवाल का भी सम्मान किया गया। वे नशामुक्ति को अपने जीवन का लक्ष्य और मिशन बनाकर लोगों को नशे से दूर रहने के लिए जागरूक करने का कार्य कर रहे हैं। कार्यक्रम में डॉ. मनोज अग्रवाल ने उपस्थित लोगों को नशामुक्ति की शपथ भी दिलाई।

कार्यक्रम में ताप्ती सेवा समिति के वरिष्ठ सदस्य राजकुमार बच्छवानी ने प्रशासन का ध्यान सतियारा घाट स्थित गांधीजी के समाधि स्थल की ओर आकर्षित करते हुए कहा कि यह स्थल केवल गांधी जयंती जैसे विशेष अवसर पर एक दिन याद करने की जगह नहीं है।

उन्होंने प्रशासन से मांग की कि समाधि स्थल की सुरक्षा, नियमित व्यवस्था, साफ-सफाई और आवश्यक विकास कार्यों पर ध्यान दिया जाए, ताकि यह स्थान गांधीजी के विचारों और उनके जीवन संदेश को नई पीढ़ी तक पहुंचाने वाला प्रेरणास्थल बन सके।

समिति ने गांधी जयंती के अवसर पर आह्वान किया कि स्वच्छता को केवल एक दिन के अभियान के रूप में नहीं, बल्कि जीवन का संस्कार बनाया जाए।

घर से समाज तक,
सड़क से नदी तक,
व्यवहार से विचार तक—
हर स्तर पर स्वच्छता का भाव विकसित करना होगा।

कार्यक्रम में धर्मेंद्र सोनी, संजय चित्ते, अता उल्लाह खान, बसंत पाल, विजय राठौड़, पुनीत साकले, आर.पी. श्रीवास्तव, डॉ. यूसुफ खान, राजेश भगत, राम अग्रवाल, विवेक हकीम, शुभम महाजन सहित समिति के सदस्य एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।

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