जमशेद आलम, ब्यूरो चीफ, भोपाल (मप्र), NIT:

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सीएनजी (CNG) वाहनों के चालकों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। शहर में सीएनजी स्टेशनों की भारी कमी और बार-बार मशीनों में आ रही तकनीकी खराबी ने आम जनता और व्यावसायिक वाहन चालकों का जीना मुहाल कर दिया है। ताजा मामला सामने आया है, जहां एक सीएनजी पंप पर पिछले 4 घंटे से मशीन बंद पड़ी है, जिसके चलते सड़कों पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गई हैं।
धूप और इंतजार से बेहाल हुए चालक
सीएनजी भराने पहुंचे ऑटो रिक्शा, कैब और निजी चार पहिया वाहनों की कतारें मुख्य सड़क तक जा पहुंची हैं। वाहन चालकों का कहना है कि वे पिछले कई घंटों से अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन पंप कर्मचारियों की ओर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया जा रहा है कि सप्लाई कब तक शुरू होगी। दिहाड़ी पर ऑटो और टैक्सी चलाने वाले चालकों का कहना है कि घंटों लाइन में खड़े रहने से उनकी दिनभर की कमाई का नुकसान हो रहा है।
20-20 किलोमीटर की दूरी पर पंप, शहर में नेटवर्क लचर
राजधानी जैसे बड़े शहर में सीएनजी नेटवर्क की व्यवस्था बेहद बदहाल है। शहर में सीएनजी स्टेशन 15 से 20 किलोमीटर की दूरी पर बने हुए हैं। एक पंप पर गैस खत्म होने या मशीन खराब होने की स्थिति में चालकों को शहर के दूसरे छोर तक भटकना पड़ता है। कई बार तो दूसरे पंप तक पहुंचते-पहुंचते गाड़ियों की गैस पूरी तरह खत्म हो जाती है।
अधिकारियों की अनदेखी, सुध लेने वाला कोई नहीं
इस अव्यवस्था पर न तो संबंधित गैस वितरण कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी ध्यान दे रहे हैं और न ही प्रशासन की ओर से कोई सख्त निगरानी की जा रही है। लोगों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि जब सरकार ग्रीन एनर्जी और सीएनजी को बढ़ावा देने की बात करती है, तो राजधानी स्तर पर बुनियादी ढांचा और आपूर्ति व्यवस्था इतनी लचर क्यों है?
वाहन चालकों ने मांग की है कि मशीनों की तकनीकी खराबी को तुरंत दुरुस्त किया जाए और शहर के बीचों-बीच नए सीएनजी स्टेशन खोले जाएं, ताकि लोगों को रोज-रोज की इस परेशानी से निजात मिल सके।
