ज़फ़र खान, अकोट/अकोला (महाराष्ट्र), NIT:

त्योहार केवल उत्सव नहीं होते, बल्कि सामाजिक एकता, अनुशासन और प्रशासन की कार्यक्षमता की परीक्षा भी होते हैं। इस परीक्षा में अकोला शहर में इस वर्ष विभिन्न प्रमुख त्योहार शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुए।
श्रावण की पवित्र कांवड़ यात्रा, किसानों का प्रमुख त्योहार पोला, बच्चों का तांहा पोला, गणराय का भव्य गणपति आगमन एवं विसर्जन तथा मुस्लिम समाज के ईद-ए-मिलाद-उन-नबी के जुलूस के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में ट्रैफिक पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
इस पूरी व्यवस्था के पीछे अमरावती परिक्षेत्र के विशेष पुलिस महानिरीक्षक महेश पाटील तथा जिला पुलिस अधीक्षक अर्चित चांडक के मार्गदर्शन में ट्रैफिक शाखा के पुलिस निरीक्षक विलास पाटील और उनकी पूरी टीम ने लगातार जिम्मेदारी निभाई।
त्योहारों से लेकर बंदोबस्त तक जिम्मेदारी
ट्रैफिक पुलिस का काम केवल वाहनों को रोकना या चालान करना नहीं है। कांवड़ यात्रा में हजारों श्रद्धालुओं की आवाजाही, पोला और तांहा पोला की मिरवणूक, गणपति विसर्जन के दौरान भारी भीड़ और ईद-ए-मिलाद के जुलूस के दौरान यातायात व्यवस्था को नियंत्रित करना बड़ी चुनौती होती है।
इन सभी मौकों पर ट्रैफिक पुलिस ने यातायात को व्यवस्थित रखने के लिए लगातार मेहनत की। इन आयोजनों के दौरान किसी बड़े हादसे की सूचना नहीं मिली, जिससे पुलिस की सतर्कता और यातायात नियोजन सामने आया।
आने वाले समय में नवरात्रि, नवदुर्गा स्थापना, विजयादशमी, धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस की रैली, दीपावली तथा विभिन्न VIP दौरों और कानून-व्यवस्था से जुड़े अतिरिक्त बंदोबस्त की जिम्मेदारी भी ट्रैफिक शाखा द्वारा निभाई जा रही है।
कड़ी धूप और बारिश में भी ड्यूटी
तेज धूप में तपती सड़कों पर खड़े रहना हो या मूसलाधार बारिश के बीच यातायात नियंत्रित करना, ट्रैफिक पुलिस के लिए यह आसान काम नहीं है। पुलिस निरीक्षक विलास पाटील और उनकी टीम द्वारा लगातार मैदान में रहकर अपनी ड्यूटी निभाई जा रही है।
त्योहारों के दौरान कई बार 16 से 18 घंटे तक लगातार ड्यूटी करते हुए पुलिसकर्मियों ने अपनी जिम्मेदारी निभाई और नागरिकों की सुरक्षा एवं सुविधा को प्राथमिकता दी।
सर्वधर्म समभाव का संदेश
अकोला शहर हिंदू-मुस्लिम एकता और सामाजिक भाईचारे का उदाहरण माना जाता है। गणपति उत्सव हो या ईद-ए-मिलाद का जुलूस, सभी समुदायों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए यातायात व्यवस्था बनाए रखना महत्वपूर्ण रहा।
पुलिस निरीक्षक विलास पाटील और उनकी टीम द्वारा सभी धार्मिक आयोजनों में समान रूप से यातायात व्यवस्था संभालने का प्रयास किया गया।
शांति समिति और जुलूस कमेटी ने जताया आभार
इस कार्य के लिए शांति समिति और जुलूस कमेटी की ओर से विशेष पुलिस महानिरीक्षक महेश पाटील, जिला पुलिस अधीक्षक अर्चित चांडक, पुलिस निरीक्षक विलास पाटील और संपूर्ण अकोला पुलिस दल के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
समिति के सदस्यों ने कहा कि पुलिस के लगातार प्रयासों से शहर में त्योहारों के दौरान व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिली। जुलूस हो या विसर्जन, ट्रैफिक पुलिस के बेहतर नियोजन से नागरिकों को सुविधा मिली।
पुलिस प्रशासन और नागरिकों के बीच सहयोग एवं विश्वास से ही सामाजिक शांति और सुरक्षित वातावरण मजबूत होता है। अकोला शहर में हुए विभिन्न धार्मिक आयोजनों के दौरान यह समन्वय देखने को मिला।
