‘विकसित भारत 2047’ की कल्पना को रंगों में उकेरा, चित्रकला प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा | New India Times

संदीप शुक्ला, ब्यूरो चीफ, ग्वालियर (मप्र), NIT:

डॉ. भगवत सहाय शासकीय महाविद्यालय, ग्वालियर में ‘सेवा संकल्प अभियान 2026’ के अंतर्गत 22 एवं 23 सितंबर को दो दिवसीय ‘सेवा चित्रकला प्रतियोगिता’ एवं ‘विकसित भारत 2047’ विषय पर चित्र प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. मीना श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।

चित्रकला प्रतियोगिता में महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए ‘विकसित भारत 2047’ और ‘सेवा भाव’ जैसे विषयों पर अपनी कल्पनाशीलता, रचनात्मक सोच एवं कलात्मक प्रतिभा को चित्रों के माध्यम से अभिव्यक्त किया। विद्यार्थियों ने अपने चित्रों में विकसित भारत की परिकल्पना, देश की प्रगति, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक जिम्मेदारी तथा राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया।

प्रतियोगिता के बाद विद्यार्थियों द्वारा तैयार की गई विभिन्न कलाकृतियों की प्रदर्शनी महाविद्यालय परिसर में लगाई गई, जिसमें विद्यार्थियों के चित्रों को देखने के लिए शिक्षक, कर्मचारी एवं अन्य उपस्थितजन पहुंचे। प्रदर्शनी में विद्यार्थियों की रचनात्मकता और विषय की समझ की सराहना की गई।

निष्पक्ष मूल्यांकन के लिए गठित हुआ निर्णायक मंडल

प्रतियोगिता में निष्पक्ष एवं पारदर्शी मूल्यांकन के लिए तीन सदस्यीय विशेषज्ञ निर्णायक मंडल का गठन किया गया था। इसमें विजय गंभीर प्रथम निर्णायक, डॉ. जे.पी. सिंह द्वितीय निर्णायक तथा डॉ. सीता अग्रवाल तृतीय निर्णायक के रूप में शामिल रहे।

निर्णायक मंडल ने विद्यार्थियों की कलाकृतियों का विभिन्न निर्धारित मानदंडों के आधार पर मूल्यांकन किया।

प्रतियोगिता में वीशिका वर्मा (बीएससी तृतीय वर्ष) ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। पलक सक्सेना (बीए प्रथम वर्ष) द्वितीय स्थान पर रहीं, जबकि रंजना रजक एवं वर्षिका (दोनों बीए प्रथम वर्ष) ने संयुक्त रूप से तृतीय स्थान प्राप्त किया।

कला के साथ सेवा और राष्ट्र निर्माण का संदेश

इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. मीना श्रीवास्तव ने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में छिपी प्रतिभा को मंच प्रदान करने के साथ-साथ उनमें राष्ट्र निर्माण, सेवा भावना और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को मजबूत करती हैं।

उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत 2047’ का लक्ष्य युवाओं की सक्रिय भागीदारी और सकारात्मक सोच से ही साकार हो सकता है।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्राचार्य ने विजेता एवं सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। आयोजन में महाविद्यालय के प्राध्यापक, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे और कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग प्रदान किया।

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