संदीप तिवारी, ब्यूरो चीफ, पन्ना (मप्र), NIT:
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा पन्ना कलेक्टर उषा परमार के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए जाने से प्रशासनिक हलके में हलचल मच गई है। जबलपुर हाईकोर्ट ने कलेक्ट्रेट की एक सेवानिवृत्त कर्मचारी के नियमितीकरण से जुड़े अवमानना मामले की सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया है।
अदालत द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बावजूद कलेक्टर की ओर से न तो आदेश के अनुपालन की रिपोर्ट प्रस्तुत की गई और न ही उनकी ओर से अधिवक्ता के माध्यम से उपस्थिति दर्ज कराई गई। जस्टिस विवेक जैन की एकलपीठ ने मामले में कलेक्टर की व्यक्तिगत उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए पन्ना पुलिस अधीक्षक को वारंट की तामील कराने के निर्देश दिए हैं।
कोर्ट ने कलेक्टर उषा परमार को 30 सितंबर को हाईकोर्ट के समक्ष उपस्थित कराने के निर्देश दिए हैं। मामला सेवानिवृत्त कर्मचारी जाविन आरा रिजवी की नियमितीकरण संबंधी याचिका से जुड़ा है। हाईकोर्ट ने 13 अगस्त 2025 को संबंधित अभ्यावेदन पर 90 दिनों के भीतर निर्णय लेने के निर्देश दिए थे। आदेश के अनुपालन में देरी के बाद अवमानना याचिका दायर की गई थी।
