मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

विधवा वरिष्ठ नागरिक श्रीमती सूफिया बेगम द्वारा अपने जेठ सैय्यद याकूब हसन और राजस्व अधिकारियों के खिलाफ प्रस्तुत याचिका पर मा. हाईकोर्ट ने स्थगनादेश/यथास्थिति बनाए रखने के आदेश जारी किए हैं। कोर्ट ने ग्राम पातोंडा स्थित 4.06 एकड़ कृषि भूमि, खसरा नंबर 458/2 की वर्तमान स्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही प्रतिवादी जेठ सैय्यद याकूब हसन, कलेक्टर, एसडीओ एवं तहसीलदार सहित संबंधित पक्षों को नोटिस जारी करने के आदेश भी पारित किए हैं।
मा. हाईकोर्ट में विधवा वरिष्ठ नागरिक श्रीमती सूफिया बेगम की ओर से पैरवी कर रहे हाईकोर्ट एवं सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिसिंग एडवोकेट श्री मनोज कुमार अग्रवाल (बुरहानपुर) ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि उनकी क्लाइंट वरिष्ठ नागरिक एवं विधवा श्रीमती सूफिया बेगम ने ग्राम पातोंडा स्थित अपनी 4.06 एकड़ कृषि भूमि, खसरा नंबर 458/2 पर अपने जेठ सैय्यद याकूब हसन द्वारा कथित रूप से कब्जा किए जाने का आरोप लगाते हुए भूमि का कब्जा वापस पाने के लिए वरिष्ठ नागरिक अधिकरण/एसडीओ के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया था।
उन्होंने बताया कि उक्त आवेदन प्राथमिक स्तर पर ही निरस्त कर दिया गया था। एसडीओ द्वारा 21 अप्रैल 2026 को पारित आदेश के विरुद्ध उन्होंने अपीलीय अधिकरण/कलेक्टर के समक्ष अपील प्रस्तुत की, लेकिन वहां से भी 24 जून 2026 को अपील निरस्त कर दी गई। इसके बाद दोनों आदेशों को चुनौती देते हुए मा. हाईकोर्ट में याचिका प्रस्तुत की गई।
याचिका पर सुनवाई करते हुए मा. हाईकोर्ट ने प्रथम दृष्टया मामले को विचारणीय मानते हुए ग्राम पातोंडा स्थित कृषि भूमि खसरा नंबर 458/2 की यथास्थिति बनाए रखने के आदेश 21 सितंबर 2026 को जारी किए। साथ ही कलेक्टर, एसडीओ, तहसीलदार, बुरहानपुर सहित प्रतिवादी सैय्यद याकूब हसन को नोटिस जारी करने के आदेश भी दिए गए।
अधिवक्ता श्री मनोज कुमार अग्रवाल ने बताया कि हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद उनकी क्लाइंट श्रीमती सूफिया बेगम की उक्त कृषि भूमि से संबंधित संपत्ति के अधिकारों को न्यायालय के अंतरिम आदेश से संरक्षण मिला है।
