वी.के. त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:

जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देश पर शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे राजकीय इंटर कॉलेज में वृहद भूकंप मॉक ड्रिल आयोजित की गई। अभ्यास का उद्देश्य भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदा के दौरान विभिन्न विभागों की त्वरित प्रतिक्रिया, राहत-बचाव कार्य और आपसी समन्वय की तैयारियों को परखना रहा।
मॉक ड्रिल के दौरान भूकंप के तेज झटकों से विद्यालय के एक कमरे की छत गिरने और कई विद्यार्थियों के मलबे में दबकर घायल होने का काल्पनिक परिदृश्य तैयार किया गया। सूचना मिलते ही पुलिस, एनडीआरएफ, फायर ब्रिगेड और अन्य संबंधित टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव अभियान शुरू किया। बचाव दल ने मलबे में फंसे घायल विद्यार्थियों को सुरक्षित बाहर निकालकर स्वास्थ्य विभाग की टीम को सौंपा। इसके बाद घायलों को प्राथमिक उपचार देकर मेडिकल कैंप भेजने का अभ्यास किया गया।
गांधी विद्यालय में राहत शिविर, पुलिस लाइन में मेडिकल कैंप
आपदा प्रबंधन अभ्यास के तहत शहर के गांधी विद्यालय में अस्थायी राहत शिविर बनाया गया, जहां प्रभावित लोगों को सुरक्षित पहुंचाने की प्रक्रिया का अभ्यास किया गया। वहीं रिजर्व पुलिस लाइन में मेडिकल कैंप स्थापित कर घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की तैयारियों को परखा गया।
अधिकारियों के साथ एनसीसी कैडेट्स ने भी संभाली जिम्मेदारी
मॉक ड्रिल में एसएसबी थर्ड बटालियन के कमांडेंट प्रमोद देवरानी को ऑब्जर्वर नियुक्त किया गया था। जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने रिस्पांसिबल ऑफिसर तथा सदर एसडीएम/ज्वाइंट मजिस्ट्रेट चलुव राजु आर ने इंसिडेंट कमांडर की भूमिका निभाई। तहसीलदार सदर मुकेश वर्मा, सीओ सिटी विवेक तिवारी, नायब तहसीलदार अश्वनी कुमार सिंह और सदर कोतवाल राजेश सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
अभ्यास में एनडीआरएफ, फायर ब्रिगेड, एसएसबी थर्ड बटालियन, नगर पालिका परिषद, स्वास्थ्य विभाग की टीमें, स्वयं सहायता समूह की महिलाएं, एनसीसी कैडेट्स तथा राजकीय इंटर कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने सक्रिय भागीदारी की। अधिकारियों ने बताया कि ऐसे अभ्यास का उद्देश्य आपदा के समय कम से कम समय में प्रभावी राहत एवं बचाव कार्य संचालित कर जनहानि को न्यूनतम करना है।
