मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

आस्था, श्रद्धा और सनातन संस्कृति का अनोखा संगम गुरुवार को बुरहानपुर में देखने को मिला। ग्राम खामनी के ग्रामीणों ने 51 समूह बनाकर देश के 51 शक्तिपीठों से पवित्र माटी एवं पूजित जल श्रद्धापूर्वक एकत्रित किया और बुरहानपुर लेकर पहुंचे। इन पवित्र सामग्रियों एवं धर्म ध्वज का पूजन-अर्चन किया गया। इसके पश्चात 51 बैलगाड़ियों के साथ ‘जय मां वैष्णोदेवी धाम खामनी’ के लिए भव्य धर्म ध्वज यात्रा रवाना हुई।
विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस (दीदी) ने ग्रामीणों के साथ पवित्र माटी, पूजित जल एवं धर्म ध्वज का पूजन-अर्चन कर माता रानी के चरणों में श्रद्धा अर्पित की। 51 बैलगाड़ियों के साथ निकली यात्रा ने भारतीय ग्रामीण परंपरा और सनातन संस्कृति की सुंदर झलक प्रस्तुत की। यात्रा के दौरान ‘जय माता दी’ के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो गया।
51 समूहों ने 51 शक्तिपीठों से लाई पवित्र माटी और जल
ग्राम खामनी के ग्रामीणों ने इस धार्मिक आयोजन को विशेष स्वरूप देने के लिए 51 समूहों का गठन किया। प्रत्येक समूह ने एक-एक शक्तिपीठ की यात्रा कर वहां से पवित्र माटी और पूजित जल श्रद्धापूर्वक प्राप्त किया। सभी समूहों के लौटने के बाद इन पवित्र सामग्रियों को एकत्रित कर विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया गया।
श्रीमती अर्चना चिटनिस ने कहा कि खामनी के ग्रामीणों ने आस्था को संकल्प और संकल्प को सामूहिक सहभागिता में बदलकर एक अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया है। 51 शक्तिपीठों से पवित्र माटी और जल लाने का यह भाव देशभर की शक्तिपीठ परंपरा को खामनी में साकार हो रहे मां वैष्णोदेवी धाम से जोड़ता है। उन्होंने कहा कि 51 बैलगाड़ियों के साथ निकली यह यात्रा हमारी ग्रामीण परंपरा, संस्कृति और सामूहिक श्रद्धा का सुंदर संगम है। पूरे आयोजन में खामनी के साथ आसपास के गांवों के नागरिक भी उत्साहपूर्वक सहभागी बन रहे हैं।
ग्राम के किशोर पाटिल ने कहा कि 51 शक्तिपीठों से पवित्र माटी और पूजित जल लाने का संकल्प गांववासियों ने पूरी श्रद्धा के साथ लिया था। इसके लिए गांव के 51 समूह बनाए गए और प्रत्येक समूह ने एक-एक शक्तिपीठ तक पहुंचकर वहां से पवित्र माटी एवं जल प्राप्त किया। आज इन सभी शक्तिपीठों की पवित्रता को एक साथ लेकर खामनी धाम की ओर बढ़ना हम सभी के लिए भावुक और गौरव का क्षण है।
उन्होंने कहा कि 51 बैलगाड़ियों के साथ निकली यह यात्रा हमारी धार्मिक आस्था के साथ भारतीय ग्रामीण परंपरा और संस्कृति को भी समर्पित है। पूरा गांव इस आयोजन से जुड़ा है और सभी का संकल्प है कि शारदीय नवरात्रि में खामनी में मां वैष्णोदेवी धाम को भव्य स्वरूप दिया जाए तथा यहां आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को माता रानी के दर्शन का पावन अवसर मिले।
शोभायात्रा सिंधीबस्ती, शनवारा, शिकारपुरा, शाहपुर नगर, कोदरी एवं बोरगांव फाटा होते हुए ग्राम खामनी के लिए रवाना हुई।
नवरात्रि में खामनी में साकार होगा वैष्णोदेवी धाम
प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी शारदीय नवरात्रि के दौरान ग्राम खामनी में कटरा स्थित मां वैष्णोदेवी धाम की भव्य प्रतिकृति साकार की जा रही है। 11 अक्टूबर से 25 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाले इस दिव्य आयोजन में लगभग 3 से 4 किलोमीटर की परिधि में पर्वतीय वातावरण और वैष्णोदेवी यात्रा जैसा दृश्य निर्मित करने का प्रयास किया जा रहा है।
श्रद्धालुओं को यात्रा मार्ग में बाण गंगा, चरण पादुका, गर्भ गुफा, अर्धकुंवारी, मां वैष्णोदेवी भवन और भैरव बाबा मंदिर के दर्शन का अनुभव प्राप्त होगा। 15 दिवसीय इस धार्मिक आयोजन को प्लास्टिक मुक्त रखने का संकल्प भी लिया गया है।
51 शक्तिपीठों की पवित्र माटी-जल, 51 समूहों की श्रद्धा और 51 बैलगाड़ियों की अनोखी यात्रा के साथ खामनी का यह आयोजन आस्था, परंपरा, जनभागीदारी और सनातन संस्कृति के अनूठे संगम के रूप में आकार ले रहा है।
इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. मनोज माने, किशोर पाटिल, योगेश मोतेकर, चेतन महाजन, राजेंद्र चौधरी, मनराज मोतेकर, घनश्याम पाटिल, राजेंद्र पंडित, भूषण महाजन, चिंतामन महाजन, कैलाश पारीख, ईश्वर चौहान, धनराज महाजन, आशीष शुक्ला, संभाजीराव सगरे, विजय शेवाड़े, रूद्रेश्वर एंडोले, प्रभाकर चौधरी, दिनकर महाजन, वैभव महाजन एवं सुनील वाघ सहित जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं ग्रामवासी उपस्थित रहे।
