नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

मानसून के पीठ दिखाने के कारण समूचा महाराष्ट्र सुखे की चपेट में आ गया है। आपदा प्रबंधन मंत्रालय के प्रमुख अमित शाह बिहार असम उत्तर प्रदेश में बाढ़ राहत के बजाय महाराष्ट्र में घूम रहे हैं। प्रशासन ने जलाशयों में बचे शेष पानी का प्रबंधन शुरू कर दिया है। जलगांव के वाघूर डैम में 73% पानी है जिसका आरक्षण अब बिगड़ने जा रहा है। प्रशासन किसानो और इंडस्ट्रीज को पानी की कटौती को लेकर नोटिस जारी करेगा। 2011 से शुरू लिफ्ट इरिगेशन योजना के अंतर्गत बन रहे 3500 सामूहिक कृषि तालाबों में पानी लिफ्ट कर पाना अब शायद मुमकिन नहीं होगा।

इस योजना के लिए वाघूर डैम का कितना पानी सुरक्षित किया गया है इसकी कोई जानकारी इरिगेशन प्रशासन ने सार्वजनिक नहीं की है। राष्ट्रीय सुरक्षा जैसा सीन क्रिएट कर अत्यंत गोपनीय तरीके से जामनेर ब्लॉक में तालाब बना रही GVPR इंजीनियरिंग कंपनी के लिए सुखा सुखमय साबित होता नज़र आ रहा है। कंपनी के बनाए एक भी तालाब को मानसून की बारिश के कसौटी पर अपनी गुणवत्ता साबित नहीं करनी पड़ी है। अपवाद स्वरूप पहली बारिश से वाकी में बहे तालाब को पोतकर अधिकारियों द्वारा सरकारी रेकॉर्ड मे फिटनेस सर्टिफिकेट दे दिया है।
तालाबों के निर्माण मे ऑनलाइन मैपिंग से संबंधित तकनीकी गड़बड़ियां चर्चा का विषय बनी है। 3500 में से कितने तालाब भविष्य में अपना अस्तित्व बचाने में सफ़ल होगे इसका फैसला प्रकृति के मूड से तय होगा। अगली रिपोर्ट में GVPR और कोका कोला प्रोजेक्ट के आपसी संतुलन के असंतुलन पर जल विशेषज्ञों की राय जानने का प्रयास करेंगे।
विनोद पाटिल का सम्मान :
वाघूर लिफ़्ट योजना अंतर्गत कृषि तालाबों से राष्ट्र निर्माण के कार्य में अहम योगदान देने वाले विनोद प्रकाश पाटिल को भारतरत्न सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया उत्कृष्ट अभियंता पुरस्कार से नवाजा गया है। नासिक जिला परिषद में जूनियर इंजीनियर से रोल प्ले करने वाले पाटिल ने राज्य लोकसेवा आयोग में टॉप कर गोंदिया के इटीयाडोह प्रोजेक्ट पर काम किया। फिर उनको वाघूर के लिए नियुक्त किए गए अब गिरना इरिगेशन विभाग में कार्यकारी अभियंता है।
