
संदीप शुक्ला, ब्यूरो चीफ, ग्वालियर (मप्र), NIT:
साइबर क्राइम विंग ग्वालियर ने बड़ी कार्रवाई करते हुए विंडसर हिल्स स्थित एक किराये के डुप्लेक्स में चल रहे कथित ऑनलाइन सट्टा, ऑनलाइन गैम्बलिंग और बैंक खातों की खरीद-फरोख्त के नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मौके से पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 23 मोबाइल फोन, 37 सिम कार्ड, 11 एटीएम कार्ड, 3 लैपटॉप, 6 पासबुक सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं।
पुलिस के मुताबिक, 12 सितंबर को साइबर क्राइम विंग को मुखबिर से सूचना मिली थी कि विंडसर हिल्स के एक किराये के डुप्लेक्स में कुछ लोगों ने ऑफिस बनाकर ऑनलाइन सट्टा, बैंक अकाउंट की खरीद-फरोख्त और ऑनलाइन गैम्बलिंग का काम शुरू कर रखा है। सूचना की तस्दीक के बाद पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी, जहां पांच लोग कथित तौर पर इन गतिविधियों में शामिल पाए गए।
पुलिस ने मौके से सोहित करेर, दिनेश रायकवार, शांतनु श्रीवास, सुमित कुशवाह और दीपक आर्य को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपियों द्वारा ऑनलाइन सट्टा, गैम्बलिंग और बैंक खातों की खरीद-फरोख्त से जुड़ी गतिविधियों में शामिल होना बताया गया। पुलिस के अनुसार आरोपियों के मोबाइल फोन से कई बैंक खातों की जानकारी भी मिली है, जिसकी संबंधित बैंकों से जांच कराई जा रही है।

महीने में 7 से 8 करोड़ के लेन-देन का दावा
प्रारंभिक जांच में पुलिस को पता चला है कि आरोपियों से जुड़े नेटवर्क में हर महीने करीब 7 से 8 करोड़ रुपये का लेन-देन किया जाता था। इस हिसाब से सालाना लेन-देन करीब 100 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। पुलिस अब बैंक खातों और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की जांच कर यह पता लगाने में जुटी है कि रकम का स्रोत क्या था और इसका लाभ किन लोगों तक पहुंच रहा था।
दुबई और श्रीलंका से जुड़े नेटवर्क की जानकारी
पूछताछ में आरोपियों के कथित तौर पर दुबई और श्रीलंका से जुड़े नेटवर्क के संपर्क में होने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक आरोपी व्हाट्सएप के जरिए इन नेटवर्क से संपर्क में थे। फिलहाल मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से मिले डाटा का तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है।
पुलिस को आशंका है कि जांच आगे बढ़ने पर ऑनलाइन सट्टा, गैम्बलिंग, बैंक खातों की खरीद-फरोख्त और संभावित साइबर फ्रॉड से जुड़े नेटवर्क के अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है।
100 पैनल वेबसाइट से सट्टा खिलाने का आरोप
पुलिस के अनुसार आरोपी 100 पैनल नामक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन सट्टा खिलाने का काम कर रहे थे। जब्त मोबाइल फोन और अन्य उपकरणों में मिले डाटा के आधार पर पुलिस बैंक खातों और उनसे जुड़े लेन-देन की पड़ताल कर रही है।
मकान मालिक की भूमिका भी जांच के दायरे में
जिस डुप्लेक्स में यह कथित गतिविधियां संचालित की जा रही थीं, उसे किराये पर देने वाले मकान मालिक की भूमिका की भी पुलिस जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि मकान मालिक को डुप्लेक्स में चल रही गतिविधियों की जानकारी थी या नहीं।
पुलिस की नागरिकों से अपील
ग्वालियर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड या अन्य बैंकिंग एवं डिजिटल संसाधन किसी दूसरे व्यक्ति को उपयोग के लिए उपलब्ध न कराएं। पुलिस ने चेताया है कि साइबर अपराधी इन संसाधनों का इस्तेमाल ऑनलाइन ठगी और अन्य अवैध गतिविधियों के लिए कर सकते हैं, जिससे संबंधित खाताधारक भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकता है।
पुलिस ने पांचों आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया है। जब्त इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और बैंकिंग डाटा की जांच के आधार पर पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने के प्रयास जारी हैं।
