शहरों की तर्ज़ पर गांवों में भी लगें सीसीटीवी कैमरे: जावेद क़ाज़ी, जिला शांति समिति की बैठक में सामाजिक सौहार्द, त्योहारों में कानून-व्यवस्था और ग्रामीण सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठाई मांग | New India Times

मक़सूद अली, ब्यूरो चीफ, यवतमाल (महाराष्ट्र), NIT:

शहरों की तर्ज़ पर गांवों में भी लगें सीसीटीवी कैमरे: जावेद क़ाज़ी, जिला शांति समिति की बैठक में सामाजिक सौहार्द, त्योहारों में कानून-व्यवस्था और ग्रामीण सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठाई मांग | New India Times

आगामी पोला, गणेशोत्सव, गौरी पूजन, नवरात्रोत्सव और दशहरा सहित विभिन्न पर्व-त्योहारों के मद्देनजर जिले में शांति, सामाजिक सौहार्द एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने को लेकर 10 सितंबर को महाराष्ट्र पुलिस मुख्यालय, यवतमाल में जिला शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता महाराष्ट्र के मृदा एवं जलसंधारण मंत्री तथा यवतमाल जिले के पालकमंत्री संजय राठोड ने की।
बैठक में जिला शांति समिति के सदस्य एवं पुलिस मित्र जावेद भैया काजी ने सर्वधर्म समभाव, सामाजिक एकता और एक-दूसरे की धार्मिक भावनाओं के सम्मान का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि त्योहार किसी भी धर्म का हो, समाज की एकता, शांति और भाईचारा सर्वोपरि है। उन्होंने उत्सव मंडलों से प्रशासन एवं पुलिस द्वारा निर्धारित नियमों का पालन करने तथा ध्वनिक्षेपक व डीजे के उपयोग में आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की।

ग्रामीण क्षेत्रों में सीसीटीवी नेटवर्क मजबूत करने की मांग
जावेद क़ाज़ी ने पालकमंत्री संजय राठोड का ध्यान ग्रामीण क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था की ओर आकर्षित करते हुए शहरों की तर्ज पर जिले के गांवों में भी सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सीसीटीवी नेटवर्क मजबूत होने से चोरी, मारपीट, विवाद और अन्य आपराधिक घटनाओं पर नियंत्रण पाने में पुलिस को मदद मिलेगी। साथ ही किसी घटना के बाद संदिग्धों की पहचान और जांच में सीसीटीवी फुटेज महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित हो सकता है।
उन्होंने त्योहारों के दौरान संवेदनशील स्थानों पर पुलिस निगरानी बढ़ाने तथा सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली गतिविधियों पर तत्काल अंकुश लगाने की आवश्यकता भी जताई।
बैठक में पुलिस अधीक्षक कुमार चिंता, अपर पुलिस अधीक्षक थोरात, विभिन्न एसडीपीओ एवं पुलिस अधिकारी, जिला शांति समिति के सदस्य, गणेश मंडलों के पदाधिकारी तथा पत्रकार बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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