बदनूर में विकास की खुली पोल: सड़क स्वीकृत, निर्माण नदारद; 400 बोरी सीमेंट पर घमासान | New India Times

मो. मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:

बदनूर में विकास की खुली पोल: सड़क स्वीकृत, निर्माण नदारद; 400 बोरी सीमेंट पर घमासान | New India Times

जुन्नारदेव के अंतर्गत नवेगांव उप तहसील में मध्य प्रदेश शासन की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति और सुशासन के दावों की ग्राम पंचायत बदनूर में किस कदर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, इसकी बानगी वार्ड क्रमांक 5 की यह तस्वीर बयां करती है। यहां विकास के दावे सिर्फ फाइलों में सिमटकर रह गए हैं, जबकि धरातल पर जनता आज भी बदहाल हालातों में जीने को मजबूर है।

क्या है पूरा मामला?

बदनूर पंचायत के वार्ड क्रमांक 5 में लगभग 10 महीने पहले 100 मीटर सीसी रोड के निर्माण के लिए 3 लाख 39 हजार रुपये की राशि स्वीकृत हुई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि कागजों में भले ही काम स्वीकृत हो गया हो, लेकिन आज दिनांक तक वहां एक ईंट तक नहीं रखी गई है। हैरानी की बात यह है कि सड़क का निर्माण हुए बिना ही 400 बोरी सीमेंट, जिसकी कीमत लगभग 1 लाख 12 हजार रुपये बताई जा रही है, का आहरण भी किया जा चुका है।

सरपंच के घर में रखी सरकारी सीमेंट पर सवाल

ग्रामीणों के अनुसार, नियमों को ताक पर रखकर निकाली गई यह 400 बोरी सीमेंट पिछले 8 से 10 महीनों से सरपंच के घर में रखी हुई है। लंबे समय तक रखे रहने के कारण ग्रामीणों का दावा है कि सीमेंट खराब होकर पत्थर जैसी हो चुकी है। ग्रामीणों का सवाल है कि जब सड़क का निर्माण ही नहीं हुआ, तो इतनी बड़ी मात्रा में सीमेंट क्यों निकाली गई और उसके लिए जारी राशि का उपयोग किस प्रकार किया गया? यह जांच का विषय है।

कीचड़, कचरे और बड़े-बड़े गड्ढों से जूझ रहे ग्रामीण

वार्ड नंबर 5 की वर्तमान स्थिति बेहद दयनीय है। सड़क के नाम पर वहां सिर्फ कीचड़, कचरा और बड़े-बड़े गड्ढे नजर आते हैं। स्थिति इतनी खराब है कि बरसात के दिनों में तो छोड़िए, सामान्य दिनों में भी पैदल निकलना मुश्किल हो जाता है। स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों का आना-जाना तक मुश्किल हो गया है, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत के जिम्मेदारों का इस समस्या की ओर पर्याप्त ध्यान नहीं है।

181 हेल्पलाइन पर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाने का आरोप

जब स्थानीय लोगों ने कथित अनियमितताओं के खिलाफ सीएम हेल्पलाइन 181 पर पहली बार शिकायत दर्ज कराई, तो ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच और सचिव ने उनसे शिकायत वापस लेने को कहा। आरोप है कि ग्रामीणों से कहा गया कि “आप शिकायत बंद करवा दो, हम तुरंत काम चालू करवा देंगे।”

ग्रामीणों के अनुसार, उनकी बात मानकर शिकायत बंद करवा दी गई, लेकिन इसके बावजूद आज तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ। इसके बाद ग्रामीणों ने दोबारा सीएम हेल्पलाइन 181 पर शिकायत दर्ज कराई, जिसका शिकायत क्रमांक 40384907 है।

ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि शिकायत दर्ज होने के बावजूद यदि निर्माण कार्य शुरू नहीं होता है, तो सीएम हेल्पलाइन पर की गई शिकायतों के निस्तारण की व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

बड़ा आंदोलन और कलेक्टर को ज्ञापन की चेतावनी

ग्रामीणों का आरोप है कि पूरे मामले की जानकारी संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंचने के बावजूद अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द वार्ड नंबर 5 में सीसी रोड का निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया और सीमेंट के आहरण एवं उसके उपयोग की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो तमाम ग्रामीण एकजुट होकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेंगे और आंदोलन करेंगे।

वहीं, वर्तमान सचिव से मामले की जानकारी लेने के लिए फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।

जुन्नारदेव जनपद पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी रश्मि चौहान ने कहा कि मामले में नोटिस जारी कर दिया गया है और कल से निर्माण कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Exit mobile version