संदीप शुक्ला, ब्यूरो चीफ, ग्वालियर (मप्र), NIT:

बिरला नगर निवासी वरिष्ठ नागरिक हरप्रसाद ने आनंद बिहारी और उनके भतीजे हीरालाल के खिलाफ मकान पर कथित अवैध कब्जे का प्रयास, जबरन सामान रखने, किराया नहीं देने, धमकी देने और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। उन्होंने मामले में पुलिस द्वारा शिकायतों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं किए जाने का आरोप लगाते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग की है।
हरप्रसाद के अनुसार, उनकी पत्नी का निधन हो चुका है और उनकी कोई संतान नहीं है। वृद्धावस्था एवं अस्वस्थता के चलते उन्होंने मानवीय आधार पर अपने छोटे भाई के परिवार को अपने साथ रहने की अनुमति दी थी। आरोप है कि इसी पारिवारिक विश्वास का लाभ उठाकर आनंद बिहारी और हीरालाल उनके मकान पर अपना अधिकार जताने का प्रयास कर रहे हैं।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि हीरालाल ने मकान में अपना सामान रख दिया है और कई बार कहने के बावजूद सामान नहीं हटाया गया। उनका यह भी दावा है कि मकान के उपयोग के बदले कोई किराया नहीं दिया गया। हरप्रसाद ने मकान खाली कराने और अपने शांतिपूर्ण कब्जे की सुरक्षा की मांग की है।
शिकायत में धमकी देने के भी आरोप लगाए गए हैं। हरप्रसाद का कहना है कि आपत्ति करने पर आरोपित पक्ष ने कथित तौर पर अपनी ऊंची पहुंच का हवाला देते हुए उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। उनका आरोप है कि इन परिस्थितियों के कारण वह और उनका परिवार मानसिक तनाव एवं भय में है।
हरप्रसाद ने परिवार की महिलाओं, विशेषकर अपनी बहू के संबंध में कथित रूप से झूठे और अपमानजनक आरोप लगाकर सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किए जाने का भी आरोप लगाया है।

उन्होंने बताया कि मामले को लेकर थाना पुलिस और वरिष्ठ अधिकारियों को कई बार लिखित शिकायतें दी गईं, लेकिन उनके अनुसार अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि थाना स्तर पर उन्हें यह कहकर न्यायालय जाने की सलाह दी गई कि “कोर्ट में मामला लगाइए, निर्णय के बाद कार्रवाई होगी।”
हरप्रसाद ने वरिष्ठ अधिकारियों से पूर्व में दी गई शिकायतों और उपलब्ध साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच कराने, आरोप सही पाए जाने पर लागू कानून के तहत कार्रवाई करने, मकान एवं परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा शिकायतों पर पुलिस स्तर पर हुई कार्रवाई की समीक्षा कराने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि वह वरिष्ठ नागरिक हैं और लगातार मिल रही कथित धमकियों व मानसिक दबाव से चिंतित हैं। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कानून के अनुसार निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
नोट: यह समाचार शिकायतकर्ता द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति और लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अथवा संबंधित पक्ष का पक्ष इस प्रेस विज्ञप्ति में उपलब्ध नहीं है।

