मोहम्मद सिराज, ब्यूरो चीफ, पांढुर्णा (मप्र), NIT:

पांढुर्णा सिविल अस्पताल के पैथोलॉजी विभाग में कथित लापरवाही का मामला सामने आया है। एक मरीज का आरोप है कि जांच के लिए सैंपल देने के बाद उसे दूसरे दिन रिपोर्ट दी गई, जिसके आधार पर चिकित्सक ने बाहर की मेडिकल से दवाएं लिखीं। करीब सात दिन बाद उसी जांच की दूसरी रिपोर्ट मिलने पर दोनों रिपोर्टों में CBC, लीवर और किडनी समेत कई जांचों के परिणामों में काफी अंतर पाया गया।
मरीज के अनुसार, उसने तबीयत खराब होने पर डॉ. लहरपुरे से उपचार कराया था। चिकित्सक ने CBC, लिपिड प्रोफाइल, विटामिन B12, लीवर और किडनी सहित कई जांचें लिखीं। मरीज ने अस्पताल की पैथोलॉजी में सैंपल दिया। दूसरे दिन उसे रिपोर्ट उपलब्ध कराई गई और उसी के आधार पर दवा शुरू कर दी गई।

मरीज का कहना है कि सात दिन बाद दी गई रिपोर्ट में जांच के परिणाम पहली रिपोर्ट से बिल्कुल अलग थे। नाम और आईडी समान होने के बावजूद दोनों रिपोर्टों में कई महत्वपूर्ण वैल्यू में बड़ा अंतर सामने आया। जब मरीज ने पैथोलॉजी स्टाफ से इस संबंध में जानकारी मांगी तो कथित तौर पर उसे बताया गया कि उसके नाम से कोई सैंपल या रिपोर्ट उपलब्ध नहीं है। मरीज का आरोप है कि बाद में उसे किसी अन्य मरीज की रिपोर्ट भी थमा दी गई।
इस मामले ने अस्पताल की जांच व्यवस्था और मरीजों की रिपोर्ट की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। मरीज ने CMHO और कलेक्टर से शिकायत कर दोनों रिपोर्टों, पैथोलॉजी रजिस्टर तथा CCTV फुटेज की जांच कराने और जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है। मरीज का कहना है कि रिपोर्ट में हुई कथित गड़बड़ी के कारण उसका सही उपचार अब तक शुरू नहीं हो सका है।
