मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

ताप्ती नदी में हाल ही में एक युवक की डूबने से हुई दर्दनाक मौत के बाद नागरिकों में आक्रोश बढ़ गया है। नदी किनारे लगातार सामने आ रहे हादसों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और मछली पकड़ने की गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाने की मांग को लेकर सोमवार को ताप्ती सेवा समिति, बुरहानपुर के नेतृत्व में नागरिकों ने जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा।
समिति अध्यक्ष श्रीमती सरिता राजेश भगत के नेतृत्व में बड़ी संख्या में नागरिक एवं सामाजिक कार्यकर्ता कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। उन्होंने ताप्ती नदी के घाटों और संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं होने पर चिंता जताते हुए प्रशासन से तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
ज्ञापन में मांग की गई कि नदी किनारे अनधिकृत रूप से मछली पकड़ने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। समिति का कहना है कि मछली पकड़ने के दौरान कई लोग गहरे और जोखिम भरे पानी में उतर जाते हैं, जिससे हादसों की आशंका बनी रहती है।
इसके साथ ही प्रमुख घाटों एवं संवेदनशील स्थानों पर चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा रेलिंग लगाने, आवश्यक स्थानों पर प्रशिक्षित गोताखोरों की तैनाती करने तथा नदी तटों पर नियमित सुरक्षा गश्त शुरू करने की मांग की गई।
समिति अध्यक्ष श्रीमती सरिता राजेश भगत ने कहा कि ताप्ती नदी में होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए पूर्व में भी प्रशासन को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अपेक्षित ठोस कदम नहीं उठाए गए। उन्होंने कहा कि नदी तटों पर सुरक्षा व्यवस्था को गंभीरता से लिया जाना आवश्यक है, ताकि भविष्य में किसी परिवार को अपने सदस्य को न खोना पड़े।
इस अवसर पर अध्यक्ष श्रीमती सरिता राजेश भगत, अता उल्लाह खान, रजनी गट्टानी, मोहन दलाल, प्रियांसी सिंह ठाकुर, डॉक्टर युसूफ खान, राजकुमार बछवानी, बसंत पाल, सचिन सोनगिरकर, राजेश भगत, प्रवक्ता विवेक हकीम सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। उपस्थित नागरिकों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन द्वारा जल्द ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए तो व्यापक जन-आंदोलन किया जाएगा।
