रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी, इंदौर (मप्र), NIT:
शहीद भगतसिंह व्यायामशाला के संचालक सन्नी भाटिया के नेतृत्व में पिछले 11 वर्षों से शासकीय महाविद्यालय परिसर में सुबह-शाम युवा पहलवान नियमित रूप से अभ्यास कर पसीना बहा रहे हैं।
व्यायामशाला के खलीफा एवं भूतपूर्व सैनिक मनोहर सिंह दसौंधी के मार्गदर्शन में स्वतंत्रता दिवस, नागपंचमी, रक्षाबंधन और जन्माष्टमी सहित विभिन्न पर्वों के अवसर पर आयोजित चार से अधिक कुश्ती दंगलों में व्यायामशाला के 10 से अधिक युवा पहलवानों ने अखाड़े में अपना दमखम दिखाकर नगर का नाम रोशन किया।
चार कुश्ती दंगलों में युवा पहलवानों ने दिखाया दमखम
मनोहर सिंह दसौंधी ने बताया कि मंडलेश्वर, घट्योबेड़ी, बलवाड़ा और ग्वालू में आयोजित कुश्ती दंगलों में व्यायामशाला के युवा पहलवान नरेंद्र प्रजापत, अरुण यादव, पीयूष चौधरी, रूपेश प्रजापत, सौरभ यादव, अर्जुन पहलवान, लक्की राव, अब्बू सोनकर, विक्की प्रजापत, गौरव प्रजापत, सुनील वर्मा और नकुल वर्मा ने हिस्सा लिया।
पहलवानों ने अन्य जिलों से आए पहलवानों के साथ मुकाबला करते हुए अपने दांव-पेच का शानदार प्रदर्शन किया। कई पहलवानों ने प्रतिद्वंद्वियों को पटकनी देकर मुकाबले जीते और रेफरी द्वारा उन्हें विजेता घोषित किया गया।
आयोजन समितियों के सदस्यों द्वारा विजेता पहलवानों को प्रोत्साहन राशि, शील्ड, मेडल, प्रमाण-पत्र एवं बर्तन आदि सामग्री प्रदान कर सम्मानित किया गया।
व्यायामशाला को जल्द उपलब्ध कराया जाएगा गद्देदार कुश्ती मैट
विधायक सचिन बिरला, पूर्व विधायक हितेंद्र सिंह सोलंकी, जितेंद्र सुराणा, नगर पालिका अध्यक्ष राकेश गुप्ता, महिम ठाकुर, योगेश तिवारी और गणेश पटेल ने कहा कि शासन स्तर पर जल्द ही व्यायामशाला को गद्देदार कुश्ती मैट उपलब्ध कराने के प्रयास किए जाएंगे। इससे क्षेत्र के युवा पहलवानों को बेहतर अभ्यास की सुविधा मिलेगी और वे प्रदेश एवं राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में पहुंचकर नगर का नाम गौरवान्वित कर सकेंगे।
उन्होंने कहा कि कुश्ती जैसे खेलों से युवा शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ रहते हैं तथा उनमें अनुशासन और आत्मविश्वास का विकास होता है।
युवाओं को कुश्ती से जोड़ने का आह्वान
समाजसेवी सुरेंद्र सिंह भाटिया ‘मिर्ची पहलवान’, विनोद मालाकार, लक्ष्मण ब्रजवासी, पप्पू वर्मा और धर्मेंद्र अंबिया ने बताया कि हमारे पूर्वजों की खेल एवं कुश्ती की विरासत को आज भी शहीद भगतसिंह व्यायामशाला के माध्यम से जीवित रखा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पहले के समय में युवा कुश्ती, मलखंभ, फुटबॉल, क्रिकेट, हॉकी और दौड़ जैसे विभिन्न खेलों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया करते थे। वर्तमान समय में कई युवा नशे की ओर बढ़ रहे हैं। ऐसे में व्यायामशाला के माध्यम से युवाओं को कुश्ती के दांव-पेच सिखाने के साथ-साथ सेना और पुलिस में भर्ती के लिए आवश्यक शारीरिक प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
