मो. मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:
जुन्नारदेव विकासखंड के पील्हावाड़ी गांव की एक नवविवाहिता की तबीयत बिगड़ने पर ग्रामीणों और स्वजन को उसे इलाज के लिए डोली में बैठाकर तीन उफनती नदियां और जंगल की दुर्गम पगडंडियां पार करनी पड़ीं। करीब छह किलोमीटर का कच्चा रास्ता पैदल तय करने के बाद स्वजन ने निजी खर्च पर चार पहिया वाहन की व्यवस्था की और गोरखघाट के रास्ते करीब 13 किलोमीटर का सफर तय कर दमुआ पहुंचे। पील्हावाड़ी से दमुआ तक पहुंचने में परिवार को करीब छह घंटे का समय लगा। नवविवाहिता का दमुआ स्थित एक निजी चिकित्सक के क्लीनिक में उपचार जारी है।
डोली में बैठाकर तय किया छह किलोमीटर का दुर्गम रास्ता
जानकारी के अनुसार, पील्हावाड़ी निवासी कड्डे ढीकू (22), पत्नी राजू ढीकू को शनिवार सुबह अचानक पेट में तेज दर्द हुआ। गांव से सड़क मार्ग की सुविधा नहीं होने के कारण स्वजन ने इलाज के लिए डोली तैयार की। डोली बनाने के लिए लाठी में साड़ी बांधकर और गद्दा रखकर अस्थायी व्यवस्था की गई।
ससुर मन्नू ढीकू ने गांव के चैतराम भोपा, बारेलाल भोपा, हीरो दर्शमा और सुकरलाल ढीकू के साथ सुबह करीब 10 बजे पैदल सफर शुरू किया।
मन्नू ढीकू के अनुसार, पील्हावाड़ी से झालमऊ के बीच डोबरी डोह और दानी घाट नदी को ग्रामीणों ने किसी तरह पार कर लिया। इसके बाद झालमऊ के पास रिंदों नदी में पानी अधिक होने के कारण रास्ता पूरी तरह बंद मिला।
इसके बाद स्वजन ने हार नहीं मानी और मरीज को पहाड़ के किनारे बनी पथरीली एवं दुर्गम जंगली पगडंडी से लंबा चक्कर लगाकर किसी तरह कट्टा (बिचबेहरी) तक पहुंचाया। वहां से निजी वाहन की मदद से मरीज को दमुआ ले जाया गया।
विधायक ने सरकार पर लगाया सौतेले व्यवहार का आरोप
मामले को लेकर जुन्नारदेव से कांग्रेस विधायक सुनील उइके ने कहा कि उन्हें घटना की जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में सड़क निर्माण के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन प्रदेश की भाजपा सरकार क्षेत्र के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। विधायक ने सरकार से क्षेत्र में सड़क और आवागमन की बेहतर व्यवस्था कराने की मांग की।
