इमरान खान, भुसावल/जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

भुसावल शहर की राजनीति में लगातार दूसरे दिन बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। 2 सितंबर को प्रहार जनशक्ति पक्ष के उत्तर महाराष्ट्र अध्यक्ष अनिल चौधरी ने मुंबई में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में शिवसेना के शिंदे गुट में प्रवेश किया। उनके साथ भुसावल की पूर्व नगराध्यक्षा गायत्री ताई भंगाळे ने भी शिवसेना शिंदे गुट का दामन थाम लिया।
इसके अगले ही दिन, 3 सितंबर को भुसावल शहर के 11 नगरसेवकों ने शिवसेना शिंदे गुट में प्रवेश किया। लगातार हुए इन राजनीतिक घटनाक्रमों से शहर की राजनीति में हलचल बढ़ गई है और आगामी स्थानीय राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
हालांकि, इसी बीच प्रभाग क्रमांक 18 के नगरसेवक सोहेल पठाण ने स्पष्ट किया है कि वे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) गुट में ही हैं और उन्होंने पार्टी नहीं छोड़ी है। 3 सितंबर को शिंदे गुट में शामिल होने वाले 11 नगरसेवकों की सूची में सोहेल पठाण का नाम शामिल नहीं है।
अपनी राजनीतिक भूमिका स्पष्ट करते हुए सोहेल पठाण ने कहा, “मैं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी–शरदचंद्र पवार गुट का उपगुटनेता हूं। मैं पार्टी में हूं और आगे भी पार्टी में ही रहूंगा। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरदचंद्रजी पवार साहब और सुप्रियाताई सुले के मार्गदर्शन में सभी समाज के लिए तथा पार्टी के लिए ईमानदारी से काम करता रहूंगा।”
सोहेल पठाण के इस बयान के बाद उनके शिंदे गुट में शामिल होने को लेकर चल रही चर्चाओं पर विराम लग गया है। उन्होंने दोहराया कि वे शरदचंद्र पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में ही कायम हैं और आगे भी पार्टी के लिए सक्रिय रूप से कार्य करते रहेंगे।

