मुबारक अली, ब्यूरो चीफ, शाहजहांपुर (यूपी), NIT:
आउटसोर्सिंग कार्मिकों के हितों की सुरक्षा तथा उन्हें समय से वेतन और सामाजिक सुरक्षा संबंधी लाभ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ स्थित लोक भवन सभागार से किया। कार्यक्रम का सजीव प्रसारण बुधवार को शाहजहांपुर के गांधी भवन सभागार में किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना रहे। इस अवसर पर महापौर अर्चना वर्मा, नगर निगम कार्यकारिणी उपाध्यक्ष वेद प्रकाश मौर्य, जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष डीपीएस राठौर, पूर्व सफाई कर्मचारी आयोग अध्यक्ष सुरेंद्र नाथ वाल्मीकि, नगर आयुक्त सौम्या गुरुरानी, जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह, मुख्य विकास अधिकारी उत्कर्ष द्विवेदी, सहायक श्रम आयुक्त केके गुप्ता सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।
वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि आउटसोर्स सेवा निगम के माध्यम से आउटसोर्स कर्मियों के अधिकारों और सेवा संबंधी लाभों को सुनिश्चित करने की प्रभावी व्यवस्था की गई है। अधिकृत आउटसोर्सिंग एजेंसियों के माध्यम से सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। निर्धारित मानकों को पूरा करने वाले सर्विस प्रोवाइडरों को तीन वर्ष के लिए इम्पैनल किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वाली एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें ब्लैकलिस्ट भी किया जा सकेगा।
उन्होंने बताया कि आउटसोर्स कर्मियों को प्रत्येक माह की 1 से 5 तारीख के बीच वेतन उपलब्ध कराने के साथ ईपीएफ और ईएसआईसी का लाभ सुनिश्चित किया जाएगा। इसके अलावा मातृत्व अवकाश, स्वास्थ्य बीमा और दुर्घटना बीमा जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। विभिन्न परिस्थितियों में 20, 40 और 50 लाख रुपये तक के दुर्घटना बीमा कवर तथा अग्निकांड की स्थिति में 10 लाख रुपये तक की सहायता/बीमा कवर की व्यवस्था की गई है।
महापौर अर्चना वर्मा ने कहा कि यदि किसी आउटसोर्स कर्मी को अपने अधिकार अथवा सेवा संबंधी लाभ प्राप्त करने में कठिनाई होती है तो वह आउटसोर्स सेवा पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज करा सकता है। नगर आयुक्त सौम्या गुरुरानी ने बताया कि पोर्टल के माध्यम से कर्मियों की समस्याओं के निस्तारण, सेवा संबंधी लाभ उपलब्ध कराने तथा आउटसोर्सिंग एजेंसियों को विनियमित करने की व्यवस्था की गई है।
कार्यक्रम के दौरान नगर निगम के सफाई कर्मचारियों को प्रशस्ति-पत्र एवं सुरक्षा किट देकर सम्मानित किया गया। साथ ही श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को हितलाभ एवं प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। कन्या सहायता योजना के तहत अनवर अली को 65 हजार रुपये का स्वीकृति प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया। शिशु हितलाभ योजना के तहत जागीर खान और मोहम्मद यूनूस को 31-31 हजार रुपये के स्वीकृति प्रमाण-पत्र दिए गए।
बीओसीडब्ल्यू बोर्ड की अटल आवासीय विद्यालय योजना के तहत दिनेश पाल के पुत्र कौशल और मोहम्मद असलम के पुत्र मोहम्मद हैदर का चयन हुआ है। दोनों वर्तमान में अटल आवासीय विद्यालय में अध्ययनरत हैं।
कार्यक्रम में श्रम प्रवर्तन अधिकारी राजेश कुमार सिंह, नागेंद्र त्रिपाठी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और आउटसोर्सिंग कार्मिक मौजूद रहे।
