साबिर खान, मीरा-भाईंदर/वसई-विरार/मुंबई (महाराष्ट्र), NIT:

मुंबई पुलिस की अपराध शाखा की प्रकरण शाखा कक्ष-4 ने एमडी (मेफेड्रोन) ड्रग बनाने और उसकी तस्करी करने वाले एक बड़े अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में संचालित एमडी ड्रग निर्माण की अवैध फैक्ट्री को ध्वस्त किया है। पुलिस के अनुसार, मामले में अब तक कुल 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। कार्रवाई के दौरान करीब 69 किलो 759 ग्राम एमडी, बड़ी मात्रा में नकदी, ड्रग बनाने में इस्तेमाल होने वाले रसायन और प्रयोगशाला का सामान बरामद किया गया है। जब्त सामग्री की कुल कीमत करीब 139 करोड़ रुपये बताई गई है।

पुलिस के मुताबिक, कार्रवाई की शुरुआत 24 जून 2026 की रात नालासोपारा पूर्व के प्रगति नगर क्षेत्र में हुई। मनवेलपाड़ा रोड स्थित एक वॉशिंग सेंटर के समीप से पुलिस ने अविनाश उर्फ सोनू लोखनाथ अय्यर (22) और रविकांत ओमप्रकाश राम (23) को करीब 112 ग्राम एमडी, जिसकी कीमत लगभग 3.36 लाख रुपये बताई गई, के साथ पकड़ा था। इसके बाद तुलिंज पुलिस थाने में मामला दर्ज कर जांच अपराध शाखा की प्रकरण शाखा कक्ष-4 को सौंपी गई।
जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने मुंबई, नालासोपारा, कल्याण, नेरुल, जलगांव, गुजरात और उत्तर प्रदेश तक फैले नेटवर्क का पता लगाया। पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान आरोपियों से पूछताछ और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर अलग-अलग स्थानों से आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में कुछ लोग एमडी तैयार करने, कुछ रसायन एवं प्रयोगशाला सामग्री उपलब्ध कराने, जबकि अन्य आरोपी तैयार ड्रग की बिक्री और तस्करी से जुड़े थे। जांच में यह भी सामने आया कि गुजरात के कच्छ जिले के अबडासा तहसील के एक गांव में आरोपी जुमा तालाब ठाकोर की जमीन पर एमडी तैयार करने की अवैध फैक्ट्री संचालित की जा रही थी।
इसी मामले में आरोपी अयर्न सय्यद उर्फ जालिम गैंग सदस्य के पास से एमडी बनाने के लिए आवश्यक लैब सामग्री और रसायन बरामद किए गए। वहीं, आरोपी जाहिद शेख उर्फ जावेद भाई पर पुलिस कार्रवाई की भनक लगने के बाद ड्रग से जुड़े माल को विरार-जेएनपीटी एक्सप्रेस हाईवे क्षेत्र में फेंककर नष्ट करने का प्रयास करने का आरोप है। पुलिस ने जांच के दौरान यह माल भी बरामद कर लिया।
जांच में आरोपी मोहम्मद हसीब सिद्दीकी उर्फ इजाज मर्चेंट के कब्जे से 11 किलो 804 ग्राम एमडी और 18.70 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। इसके अलावा जलगांव से आरोपियों के कब्जे से 4 किलो 911 ग्राम एमडी बरामद होने की जानकारी पुलिस ने दी है।
पूछताछ के आधार पर पुलिस टीम प्रयागराज पहुंची, जहां मांडवा क्षेत्र में एक खेत को किराये पर लेकर वहां शेड में एमडी तैयार किए जाने का खुलासा हुआ। पुलिस ने मौके पर छापा मारकर 52 किलो 932 ग्राम एमडी, एमडी निर्माण में इस्तेमाल होने वाले रसायन—MMA (मोनो मिथाइलअमाइन), एसीटोन, हाइड्रोक्लोरिक एसिड और क्लोरोफॉर्म—के साथ करीब 260 लीटर रसायन तथा फ्लास्क, हीटिंग मेंटल, ड्रॉपिंग फनल, थर्मामीटर आदि प्रयोगशाला उपकरण जब्त किए।
पुलिस के अनुसार, पूरे मामले में अब तक जब्त एमडी, नकदी, रसायन और प्रयोगशाला सामग्री की कुल कीमत करीब 139 करोड़ रुपये है। तकनीकी जांच और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने प्रयागराज में संचालित एमडी ड्रग निर्माण केंद्र को ध्वस्त कर दिया।
अपराध शाखा के मुताबिक, गिरफ्तार 21 आरोपियों का नेटवर्क महाराष्ट्र, गुजरात और उत्तर प्रदेश समेत विभिन्न राज्यों तक फैला हुआ था। गिरोह के अंतरराज्यीय और संभावित अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क से संबंधों की भी जांच की जा रही है।
यह कार्रवाई मुंबई पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक, अपर पुलिस आयुक्त संजय शिंदे, पुलिस उपायुक्त (अपराध) संदीप डोईफोडे और सहायक पुलिस आयुक्त (प्रकरण) गोंदूराम बांगर के मार्गदर्शन में प्रकरण शाखा कक्ष-4 की टीम ने की। मामले की आगे की जांच जारी है।
