मोहम्मद इसहाक मदनी, ब्यूरो चीफ, मैहर (मप्र), NIT:
प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश, सतना श्री मानवेंद्र प्रताप सिंह की न्यायालय ने 31 अगस्त 2026 को हत्या के मामले में तीन आरोपियों को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने प्रत्येक आरोपी पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। शासन की ओर से प्रकरण में अपर लोक अभियोजक उमेश कुमार शर्मा ने पैरवी की।
प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश, सतना श्री मानवेंद्र प्रताप सिंह की न्यायालय ने 31 अगस्त 2026 को हत्या के मामले में तीन आरोपियों को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने प्रत्येक आरोपी पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। शासन की ओर से प्रकरण में अपर लोक अभियोजक उमेश कुमार शर्मा ने पैरवी की।
अपर लोक अभियोजक उमेश कुमार शर्मा ने बताया कि घटना 12 मार्च 2019 की रात करीब 10:50 बजे थाना कोलगवां, जिला सतना अंतर्गत ग्राम घूरडांग रेलवे फाटक के पास हुई थी। मृतक राजेंद्र सिंह पिता यदुवीर सिंह निवासी घूरडांग, जिला सतना के साथ पुरानी रंजिश एवं विवाद के चलते आरोपी राकेश सोनी, मुकेश सोनी, रोहित सोनी, सुरेश कुशवाहा, मुकेश कुशवाहा, नरेंद्र कुशवाहा एवं शेषमणि सोनी ने लाठी-डंडे और रॉड से लैस होकर गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की नीयत से मारपीट की।
मारपीट में राजेंद्र सिंह के सिर एवं शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। परिजन उन्हें उपचार के लिए जिला चिकित्सालय सतना लेकर पहुंचे। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उन्हें जबलपुर रेफर कर दिया। जबलपुर में उपचार के दौरान राजेंद्र सिंह की मृत्यु हो गई।
घटना की रिपोर्ट के आधार पर थाना कोलगवां, जिला सतना में अपराध क्रमांक 280/2019 दर्ज कर विवेचना की गई। विवेचना पूर्ण होने के बाद आरोप पत्र मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, सतना के न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। मामला सत्र न्यायालय में विचारणीय होने के कारण इसे प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सतना के न्यायालय में उपार्पित किया गया। बाद में प्रकरण विचारण एवं निराकरण के लिए प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश, सतना की न्यायालय में स्थानांतरित किया गया।
प्रकरण की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से कुल 16 गवाह न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए गए। अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों एवं गवाहों के बयानों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी राकेश सोनी, मुकेश सोनी एवं रोहित कुशवाहा को धारा 302/34 भारतीय दंड संहिता के तहत दोषी पाया।
न्यायालय ने तीनों आरोपियों को आजीवन कारावास की कठोर सजा एवं प्रत्येक को 10-10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। वहीं आरोपी सुरेश कुशवाहा, मुकेश कुशवाहा एवं नरेंद्र कुशवाहा को पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया। विचारण के दौरान एक अन्य आरोपी शेषमणि सोनी की मृत्यु हो गई थी।
इस प्रकार न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर हत्या के आरोप में तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। शासन की ओर से प्रकरण में अपर लोक अभियोजक उमेश कुमार शर्मा ने शासन का पक्ष रखा।
