इमरान खान, भुसावल/जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

भुसावल शहर और आसपास के क्षेत्रों में बिजली उपभोक्ताओं को तीन महीने की बिजली खपत का बिल एक साथ मिलने से आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि नियमित मासिक बिल जारी होने के बजाय कई मामलों में तीन महीनों की खपत के यूनिट जोड़कर एकमुश्त बिल भेजा जा रहा है। इससे बिल की राशि अचानक बढ़ जाने से आम नागरिकों के घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
उपभोक्ताओं के अनुसार, कई क्षेत्रों में बिजली बिल की हार्ड कॉपी भी घरों तक नहीं पहुंच रही है। पूछताछ करने पर महावितरण की ओर से बिल वितरण का ठेका समाप्त होने के कारण हार्ड कॉपी का वितरण प्रभावित होने की जानकारी दिए जाने की बात सामने आई है।
नियमित समय पर बिल नहीं मिलने और तीन महीने की खपत एक साथ दर्शाए जाने से उपभोक्ताओं को मीटर रीडिंग, यूनिट खपत और बिल की राशि का मिलान करने में परेशानी हो रही है। नागरिकों का कहना है कि समय पर और स्पष्ट बिल उपलब्ध नहीं होने से गलत बिल की स्थिति में शिकायत दर्ज कराने तथा उसका समय पर निराकरण कराने में भी दिक्कतें पैदा हो सकती हैं।
उपभोक्ताओं ने महावितरण प्रशासन से मांग की है कि मीटर की वास्तविक रीडिंग के आधार पर नियमित मासिक बिल जारी किए जाएं और बिल वितरण व्यवस्था को सुचारु बनाया जाए। साथ ही, जिन उपभोक्ताओं को अधिक राशि के बिल प्राप्त हुए हैं, उनके बिलों की जांच कर आवश्यक होने पर नियमानुसार सुधार किया जाए।
उपभोक्ता बिल की जांच जरूर करें
महावितरण के उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि अधिक राशि का बिल मिलने पर घबराने के बजाय बिल में दर्ज मीटर रीडिंग, यूनिट खपत और देय राशि का वास्तविक मीटर से मिलान करें। बिल में किसी प्रकार की विसंगति पाए जाने पर संबंधित महावितरण कार्यालय में शिकायत दर्ज कराकर बिल की जांच करवाएं।
उपभोक्ताओं ने मांग की है कि महावितरण प्रशासन इन शिकायतों का तत्काल संज्ञान लेकर समस्या का समाधान करे तथा समय पर, सही और पारदर्शी बिजली बिल उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करे।
